Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

बिरसा कृषि विवि में एग्रोटेक किसान मेला शुरू, रांची को ‘मिलेट कैपिटल’ बनाने की अपील

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में 14 मार्च शनिवार से तीन दिवसीय एग्रोटेक किसान मेला की शुरुआत हो गई है. मेले का उद्घाटन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों से आह्वान किया कि वे रांची को देश का “मिलेट कैपिटल” बनाने की दिशा में संयुक्त रूप से प्रयास करें.
Advertisement
Advertisement

Ranchi: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में 14 मार्च शनिवार से तीन दिवसीय एग्रोटेक किसान मेला की शुरुआत हो गई है. मेले का उद्घाटन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों से आह्वान किया कि वे रांची को देश का “मिलेट कैपिटल” बनाने की दिशा में संयुक्त रूप से प्रयास करें.

Uploaded Image

संजय सेठ ने कहा कि पिछले तीन दशकों में लोगों ने श्रीअन्न यानी मिलेट्स से दूरी बना ली थी, लेकिन प्रधानमंत्री के प्रयासों के बाद बीते 5 वर्षों में इसके उत्पादन और उपभोग में तेजी से वृद्धि हुई है. आजकल होटलों और समारोहों में भी मिलेट्स से बने व्यंजन लोकप्रिय हो रहे हैं.

 

उन्होंने कहा कि बीएयू द्वारा तैयार किए गए मडुआ बिस्कुट और अन्य मिलेट्स उत्पादों को सेना की कैंटीनों में उपलब्ध कराने के लिए उनका मंत्रालय विश्वविद्यालय के साथ समझौता करने को तैयार है. साथ ही वैज्ञानिकों से अपील की कि वे कड़ाके की ठंड में देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए पौष्टिक आहार का विशेष फार्मूला विकसित करें.

Uploaded Image

झारखंड में जैविक खेती की संभावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रांची में उगने वाले टमाटर, पपीता, कटहल, मटर और शिमला मिर्च का स्वाद अन्य राज्यों के उत्पादों से अलग और बेहतर है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में रहने के बावजूद वे रांची से लाई गई सब्जियों का ही उपयोग करते हैं.

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 9.32 करोड़ किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिनमें 2.15 करोड़ महिला किसान शामिल हैं. वहीं 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 3 हजार रुपए मासिक पेंशन मिल रही है, जिसमें झारखंड के 2.53 लाख किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं. इसके अलावा देश के 82 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है.

 

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार ने मडुआ क्रांति योजना शुरू की है. इसके तहत मडुआ की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 3 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में दो वर्षों में मडुआ की खेती का क्षेत्र 20 हजार हेक्टेयर से बढ़कर एक लाख हेक्टेयर हो गया है और झारखंड में भी इस दिशा में प्रयास किए जाने की जरूरत है.

 

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित वर्षा के दौर में किसानों को पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा. राज्य सरकार किसानों की समस्याओं और जरूरतों को समझते हुए उन्हें सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहयोग कर रही है.

 

कार्यक्रम में कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा ने किसानों और ग्रामीणों के लिए प्रशिक्षण व परामर्श कार्यक्रमों को मजबूत करने पर जोर दिया. साथ ही बीएयू में लंबे समय से कार्यरत मजदूरों के स्थायी नियोजन के लिए नीति बनाने की मांग भी उठाई.

 

मेले के दौरान कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 14 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया. समारोह में कृषि सचिव अबूबकर सिद्दीख भी उपस्थित थे. कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने स्वागत भाषण दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रेखा सिन्हा ने किया और कार्यक्रम का संचालन शशि सिंह ने किया.

 

एग्रोटेक किसान मेले में 135 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, कृषि विज्ञान केंद्रों, अनुसंधान संस्थानों, कृषि उपकरण कंपनियों, बीज व उर्वरक निर्माताओं, बैंकों और स्वयंसेवी संगठनों ने अपनी तकनीक, सेवाएं और उत्पाद प्रदर्शित किए हैं.

 

खाद्य प्रसंस्करण स्टॉल में मडुआ, ज्वार और बाजरा से बने 25 से अधिक उत्पाद जैसे बिस्कुट, कुकीज, केक, लड्डू, पास्ता, सेवई, चाउमिन और मैक्रोनी प्रदर्शित किए गए हैं. वहीं मडुआ रोपाई के लिए बैटरी चालित छोटे यंत्र का भी प्रदर्शन किया गया है. इसके अलावा उद्यान प्रदर्शनी में फल, फूल, सब्जी, मसाले, सजावटी और औषधीय पौधों से संबंधित 1115 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं, जो किसानों, गृहणियों और उद्यमियों ने प्रस्तुत की.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही