Patna: बिहार विधान परिषद की नौ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसी बीच AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने एक सीट पर अपनी पार्टी का दावा पेश करते हुए महागठबंधन से किए गए वादे को याद दिलाया है.
अख्तरुल इमान ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उनकी पार्टी ने एक सीट की मांग की थी, लेकिन उस समय नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भविष्य में उचित प्रतिनिधित्व देने का आश्वासन दिया था. अब जब एमएलसी चुनाव होने जा रहे हैं, तो तेजस्वी यादव को अपना वादा निभाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि AIMIM के पास भले ही पर्याप्त संख्या बल नहीं है, लेकिन महागठबंधन को समय-समय पर उनकी पार्टी के समर्थन की जरूरत पड़ती रही है. राज्यसभा चुनाव में AIMIM ने पूरी निष्ठा के साथ महागठबंधन का समर्थन किया था, जबकि कुछ सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मतदान से दूर रहे थे. ऐसे में यदि दोनों दल भविष्य में बेहतर संबंध बनाए रखना चाहते हैं, तो वादे को पूरा किया जाना चाहिए.
राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर जारी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अख्तरुल इमान ने कहा कि यदि कानून के तहत किसी अन्य नेता को सरकारी आवास आवंटित किया जा सकता है, तो उन्हें भी आवास दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के मौजूदा आवास में रहने या उसे खाली करने से कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला है.
मदरसों की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी पत्र पर उन्होंने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है. मदरसों की जांच होनी चाहिए, लेकिन इसके साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों की भी नियमित जांच आवश्यक है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘48 घंटे में न्याय’ वाले बयान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है.
हरे गमछे को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा पर तंज कसते हुए अख्तरुल इमान ने कहा कि उन्हें हरे या लाल रंग की राजनीति से कोई सरोकार नहीं है. उनकी प्राथमिकता बिहार का विकास, जनता की तरक्की और राज्य को आगे बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल मीडिया की टीआरपी बढ़ाने के लिए उछाला जा रहा है.
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