New Delhi: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के समर्थन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) झारखंड इकाई के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया.
आइसा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की. इस दौरान उन्होंने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठी आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा, मनीष और अन्य आंदोलनकारियों से भी मुलाकात की. नेताओं ने कहा कि देशभर में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाएं लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इस मुद्दे पर चल रहा आंदोलन पूरे छात्र समुदाय की आवाज है.
इस अवसर पर आइसा झारखंड ने राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालयों में प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम का भी विरोध किया. संगठन का आरोप है कि यह व्यवस्था उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता को कमजोर करेगी, शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों में कटौती का कारण बनेगी व छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी. संगठन ने क्लस्टर सिस्टम को वापस लेने और शिक्षा से जुड़े निर्णय छात्र-शिक्षक समुदाय से व्यापक संवाद के बाद ही लेने की मांग की.
आइसा ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए NTA को भंग करने, पेपर लीक मामलों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई.
इस दौरान आइसा झारखंड के राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप, राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, गुड्डू भुइयां, विजय, स्नेहा महतो, संजना मेहता, मो. समी और रितेश मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे. संगठन ने छात्रों के अधिकारों, सार्वजनिक शिक्षा और लोकतांत्रिक शिक्षा व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Leave a Comment