Ranchi : झारखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप विद्यालय प्रबंधन समिति (School Management Committee-SMC) का गठन 30 जुलाई तक पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है. राज्य के सभी स्कूलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर नई समिति का गठन करने का निर्देश दिया गया है. गठित समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होगा.
नई SMC में अभिभावकों की प्रमुख भूमिका होगी. इसके अलावा प्रधानाध्यापक (सह सचिव), चयनित शिक्षक, स्थानीय निकाय के निर्वाचित सदस्य तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या एएनएम को भी समिति में शामिल किया जाएगा.समिति में 50 प्रतिशत महिला सदस्यों की भागीदारी अनिवार्य होगी. साथ ही अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के पदों में से किसी एक पद पर महिला प्रतिनिधि का होना भी जरूरी रहेगा.
विद्यालय में छात्रों की संख्या के आधार पर समिति के सदस्यों की संख्या तय की जाएगी. 100 विद्यार्थियों तक के स्कूलों में 15 सदस्य, 101 से 500 विद्यार्थियों वाले विद्यालयों में 20 सदस्य तथा 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले विद्यालयों में 25 सदस्य शामिल होंगे.
समिति के सदस्य बनने के लिए संबंधित विद्यालय के पोषक क्षेत्र का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है. किसी भी सदस्य के खिलाफ पुलिस मामला या विभागीय कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए. साथ ही एक ही परिवार के दो सदस्य समिति में शामिल नहीं हो सकेंगे और कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार अध्यक्ष नहीं बन सकेगा.
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 जुलाई तक सभी सरकारी विद्यालयों में नई SMC का गठन पूर्ण करना अनिवार्य होगा. इससे विद्यालयों के संचालन, निगरानी और सामुदायिक सहभागिता को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य है.


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