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झारखंड में एंबुलेंस पर करोड़ों खर्च, फिर भी कंधों पर अस्पताल जाने को मजबूर मरीज : अजय साह

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड की एंबुलेंस सेवा को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि झारखंड में 2022 में 55 करोड़ रुपये से 206 एंबुलेंस खरीदी गईं. वहीं फरवरी 2026 में 80 करोड़ रुपये से 237 और एंबुलेंस का टेंडर जारी हुआ.
 

Ranchi :   भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड की एंबुलेंस सेवा को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि झारखंड में 2022 में 55 करोड़ रुपये से 206 एंबुलेंस खरीदी गईं. वहीं फरवरी 2026 में 80 करोड़ रुपये से 237 और एंबुलेंस का टेंडर जारी हुआ. 

 

इस हिसाब से राज्य में 500 से ज्यादा और हर जिले में 20 से ज्यादा एंबुलेंस होनी चाहिए, लेकिन जमीनी हालत यह है कि मरीजों को चारपाई और कंधों पर उठाकर अस्पताल ले जाया जा रहा है.

 

कागजों पर एंबुलेंस चालू दिखाकर पैसे निकालने का आरोप

भाजपा का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे राज्य में एंबुलेंस संचालन का ठेका "सम्मान फाउंडेशन" को दे दिया. इसके बाद कर्मचारी बार-बार हड़ताल पर गए, उनका आर्थिक शोषण हुआ और मरीजों को समय पर सेवा नहीं मिली. कई एंबुलेंस महीनों तक खराब खड़ी रहीं, कुछ के इंजन तक गायब थे, लेकिन कागजों पर उन्हें चालू दिखाकर पैसे निकाले जाते रहे.

 

कैग भी उठा चुकी है टेंडर पर सवाल

भाजपा के लगातार दबाव के बाद 25 मई को स्वास्थ्य विभाग ने सम्मान फाउंडेशन का एग्रीमेंट रद्द कर दिया. CAG पहले ही एंबुलेंस खरीद पर सवाल उठा चुका है कि बस बनाने वाली कंपनी को एंबुलेंस निर्माण का ठेका क्यों दिया गया.

 

 

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