Ranchi: बोकारो जिला के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से 21 जुलाई 2025 को लापता हुई पुष्पा महतो के मामले में आजसू पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में आजसू ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. पार्टी ने मामले की सीबीआई जांच कराने और बोकारो पुलिस अधीक्षक (SP) को निलंबित करने की मांग की है.
पार्टी के महासचिव संजय मेहता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पीड़िता की मां रेखा देवी ने 21 जुलाई को ही अपहरण का आवेदन पिंड्राजोरा थाना में दिया था, जिसमें आरोपी का नाम भी दर्ज था. आरोप है कि पुलिस ने आवेदन की तारीख बदलकर 24 जुलाई कर दी और इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की. काफी दबाव के बाद 4 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज की गई, जो पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस की निष्क्रियता के कारण पीड़ित परिवार को झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा. हाईकोर्ट की फटकार के बाद एसआईटी का गठन किया गया और पुलिस ने पीड़िता का नरकंकाल मिलने का दावा किया. संजय मेहता ने आरोप लगाया कि नौ महीने तक पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
उन्होंने यह भी कहा कि बोकारो एसपी ने 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, लेकिन खुद अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे. आजसू प्रतिनिधियों के साथ उनके कथित व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए मेहता ने कहा कि इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में झारखंड में 1347 हत्याएं हुईं, जबकि 2026 के जनवरी-फरवरी में 200 हत्याओं के मामले दर्ज किए गए हैं.
आजसू पार्टी के बोकारो जिला अध्यक्ष सचिन महतो ने भी बोकारो एसपी के निलंबन और मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी.
आजसू की केंद्रीय सचिव बबीता कुमारी ने कहा कि क्या झारखंड पुलिस अपने विवेक से काम नहीं करेगी और क्या हर गरीब परिवार को न्याय के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे अंतिम तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे. पार्टी की नेत्री रजनी रवानी ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर पुलिस ने पीड़ित परिवार की कोई मदद नहीं की और उन्हें लगातार थाने से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े. उन्होंने मामले में नार्को टेस्ट और डीएनए जांच की भी मांग की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मिला कंकाल किसका है और पुष्पा के साथ क्या हुआ.
प्रदीप महतो ने कहा कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और पुलिस हर मामले में सच्चाई को दबाने की कोशिश करती है. वहीं पीड़िता की मां रेखा देवी ने मिलने पहुंचे आजसू नेताओं से कहा कि वे पुलिस के रवैये से पूरी तरह निराश हो चुकी हैं और आजसू पार्टी के सहयोग से ही वे हाईकोर्ट पहुंच सकीं. उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी को न्याय जरूर मिलेगा.
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