Pravin kumar Ranchi : राज्य में भले दलीय आधार पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नहीं कराये जा रहे हैं. लेकिन पंचायत चुनाव में राजनीतिक दल अपनी भावी संभावनाओं को भी देख रहे हैं. चर्चा है कि राजनीतिक दल अपने फोल्डर के लोगों को चुनाव जीता कर अपनी पैठ मजबूत करना चाह रहे हैं. ऐसा ही कुछ मामला हटिया विधानसभा में आने वाले पंचायतों में भी देखने को मिल रहा है. क्षेत्र में चर्चा हैं कि पार्टी की नजर जिला परिषद की सीट पर है. आदिवासी इलाकों में पैठ बनाने की जुगाड़ में पार्टी आदिवासी धर्म गुरुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रही है. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राजनीतिक दल अप्रत्यक्ष रूप से उम्मीदवारों को सपोर्ट भी करते रहे हैं. इसके लिए पार्टियों के बड़े नेता रणनीति बना रहे हैं. इसे भी पढ़ें - रांची">https://lagatar.in/jharkhand-news-ranchi-dc-summoned-pulse-hospital-land-inquiry-report-sought-file-from-ac-in-48-hours/">रांची
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/nirmal.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> वीरेंद्र भगत की पत्नी निर्मला भगत[/caption] जातिगत समीकरण से लेकर विभिन्न धार्मिक- सामाजिक अगुवाजनों को भी इस काम में लगाया है. आजसू पार्टी की नजर इस बार आदिवासियों के सामाजिक आधार पर घुसपैठ कर आगे बढ़ने की है. पार्टियां इसके लिए बड़े पैमाने पर पंचायत समिति सदस्यों/जिला परिषद सदस्यों को जीता कर प्रमुख और जिला परिषद अध्यक्षों के पद पर कब्जा करने की रणनीति बना रहे है. क्षेत्र में चर्चा है कि सुदेश कुमार महतो राजधानी रांची में जिला परिषद अध्यक्ष पद पर अपने लोगों का समर्थन कर रहे है. सुदेश महतो द्वारा दिवगत सरना धर्म गुरु वीरेंद्र भगत की धर्मपत्नी निर्मला भगत को रातू उतरी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य के सपोर्ट की चर्चा है.निर्मला भगत को जिला परिषद अध्यक्ष मजबूर उम्मीदवार माना जा रहा हैं. जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि आनेवाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आदिवासियों के वोट बैंक से सुदेश महतो को फायदा होगा. इसे भी पढ़ें - IAS">https://lagatar.in/ed-raids-the-whereabouts-of-abhijit-sen-a-close-aide-of-ias-pooja-singhal/">IAS
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/manish.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> रातू दक्षिणी क्षेत्र की प्रत्याशी मनीषा देवी [/caption] एक चर्चा यह भी है कि रातू दक्षिणी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य के पद पर नामांकन के बाद रेखा शाहदेव को अचानक नाम वापस लेने की घटना को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है. रेखा शाहदेव जो आदिवासी-मूलवासी आंदोलन के नेता सुनील शाहदेव की धर्मपत्नी हैं. प्राप्त सूचना के अनुसार रातू दक्षिणी क्षेत्र की उम्मीदवार मनीषा देवी को सुदेश का सपोर्ट हैं. मनीषा देवी आजसू पार्टी के नेता भरत कांशी के बड़े भाई स्वर्गीय शंकर कांशी की पत्नी है. रातू सघन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है. एक सीट से निर्मला भगत और दूसरी सीट मनीषा देवी को जीताने की रणनीति बनाई गई है. ताकि जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद अपने खेमे में रहे.अब देखने दिलचस्प होगा की रणनीतिकारों को कामयाबी मिलती है या नहीं. यह तो आनेवाले समय ही बतायेगा. [caption id="attachment_307566" align="aligncenter" width="600"]
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alt="" width="600" height="400" /> सुनील शाहदेव की पत्नी रेखा शाहदेव[/caption] इसे भी पढ़ें - इतिहासकार">https://lagatar.in/historians-ramachandra-guha-and-prashant-bhushan-compare-india-with-the-situation-in-sri-lanka-warn/">इतिहासकार
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हटिया विधानसभा सीट पर मजबूत पैठ बनाने की तैयारी
[caption id="attachment_307560" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> वीरेंद्र भगत की पत्नी निर्मला भगत[/caption] जातिगत समीकरण से लेकर विभिन्न धार्मिक- सामाजिक अगुवाजनों को भी इस काम में लगाया है. आजसू पार्टी की नजर इस बार आदिवासियों के सामाजिक आधार पर घुसपैठ कर आगे बढ़ने की है. पार्टियां इसके लिए बड़े पैमाने पर पंचायत समिति सदस्यों/जिला परिषद सदस्यों को जीता कर प्रमुख और जिला परिषद अध्यक्षों के पद पर कब्जा करने की रणनीति बना रहे है. क्षेत्र में चर्चा है कि सुदेश कुमार महतो राजधानी रांची में जिला परिषद अध्यक्ष पद पर अपने लोगों का समर्थन कर रहे है. सुदेश महतो द्वारा दिवगत सरना धर्म गुरु वीरेंद्र भगत की धर्मपत्नी निर्मला भगत को रातू उतरी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य के सपोर्ट की चर्चा है.निर्मला भगत को जिला परिषद अध्यक्ष मजबूर उम्मीदवार माना जा रहा हैं. जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि आनेवाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आदिवासियों के वोट बैंक से सुदेश महतो को फायदा होगा. इसे भी पढ़ें - IAS">https://lagatar.in/ed-raids-the-whereabouts-of-abhijit-sen-a-close-aide-of-ias-pooja-singhal/">IAS
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सरना धर्म गुरुओ के साथ आजसू का समझौता!
चर्चाओं की मानें तो रातू क्षेत्र से सरना समाज के अगुआ और पूर्व जिला परिषद सदस्य अमर उरांव और भरत कांशी के बीच गोपनीय स्तर पर कई बार बातचीत हो चुकी है. भरत कांशी आजसू के नेता हैं . अगर ऐसा है तो निश्चय ही यह एक बड़ा दांव हैं. कल तक जो आदिवासी समाज खासकर उरांव समुदाय सुदेश से दूरी बनाते आया है. इसे पाटना सुदेश महतो की बड़ी जीत होगी. वहीं आदिवासी समुदाय को इससे क्या हासिल होगा यह भविष्य ही बता पायेगा. आदिवासी सरना समाज के लोगों और नेताओं की गोपनीय बैठक की चर्चा काफी हो रही है. वहीं कुछ लोग इस बैठक को आदिवासी सरना समुदाय के साथ धोखा और खतरनाक बता रहे है. इसे भी पढ़ें - IAS">https://lagatar.in/ias-pooja-singhal-reached-the-ed-office-on-the-second-day-as-well-was-questioned-for-9-hours-on-tuesday/">IASपूजा सिंघल दूसरे दिन भी पहुंची ईडी ऑफिस, मंगलवार को 9 घंटे हुई थी पूछताछ
एक सीट से निर्मला भगत और दूसरी सीट मनीषा देवी को जीताने की रणनीति
[caption id="attachment_307562" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> रातू दक्षिणी क्षेत्र की प्रत्याशी मनीषा देवी [/caption] एक चर्चा यह भी है कि रातू दक्षिणी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य के पद पर नामांकन के बाद रेखा शाहदेव को अचानक नाम वापस लेने की घटना को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है. रेखा शाहदेव जो आदिवासी-मूलवासी आंदोलन के नेता सुनील शाहदेव की धर्मपत्नी हैं. प्राप्त सूचना के अनुसार रातू दक्षिणी क्षेत्र की उम्मीदवार मनीषा देवी को सुदेश का सपोर्ट हैं. मनीषा देवी आजसू पार्टी के नेता भरत कांशी के बड़े भाई स्वर्गीय शंकर कांशी की पत्नी है. रातू सघन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है. एक सीट से निर्मला भगत और दूसरी सीट मनीषा देवी को जीताने की रणनीति बनाई गई है. ताकि जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद अपने खेमे में रहे.अब देखने दिलचस्प होगा की रणनीतिकारों को कामयाबी मिलती है या नहीं. यह तो आनेवाले समय ही बतायेगा. [caption id="attachment_307566" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> सुनील शाहदेव की पत्नी रेखा शाहदेव[/caption] इसे भी पढ़ें - इतिहासकार">https://lagatar.in/historians-ramachandra-guha-and-prashant-bhushan-compare-india-with-the-situation-in-sri-lanka-warn/">इतिहासकार
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आदिवासी सवालों को बनाया गया है सिर्फ मुद्दा- लक्ष्मी नारायण मुंडा
लक्ष्मीनारायण मुंडा ने बताया कि राजनीतिक दलों ने हमेशा आदिवासी सवालों को सिर्फ एक मुद्दा के रूप में इस्तेमाल किया है. उन सवालों को हल करने की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की है. राज्य की सत्ता में सबसे अधिक समय तक रहने वाले आजसू पार्टी का सच भी यही है. सरना धर्म लंबी के माध्यम से आदिवासी इलाकों में आजसू अपनी पैठ बनाने की जुगाड़ कर रहा है. यह समाज को ठगने वाली राजनीति होगी. इसे भी पढ़ें - राजद्रोह">https://lagatar.in/important-decision-of-supreme-court-on-sedition-law-ban-imposed-cases-cannot-be-registered-till-reconsideration/">राजद्रोहकानून पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, लगाई रोक, पुनर्विचार तक दर्ज नहीं किये जा सकते केस [wpse_comments_template]
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