Ranchi : रांची विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आजसू (AJSU) छात्र संघ ने आज कुलपति के एक नए आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. आक्रोशित छात्रों ने विरोध स्वरूप कुलपति द्वारा जारी उस नोटिस को फाड़ दिया, जिसमें छात्रों से मिलने का समय निर्धारित किया गया था

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में रांची विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति हुई है. कुछ दिन पहले कुलपति की ओर से आदेश जारी किया गया था कि वह 15 दिनों में केवल एक बार ही छात्रों से मिलेंगी. इस पर छात्रों के कड़े विरोध के बाद एक संशोधित नोटिस जारी किया गया. नए आदेश के अनुसार, कुलपति अब हर शुक्रवार को शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे के बीच, केवल एक घंटे के लिए ही छात्रों से मुलाकात करेंगी.
छात्रों ने बताया ‘तुगलकी फरमान’
आजसू छात्र संघ ने इस आदेश को तुगलकी फरमान करार देते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया है और नोटिस को फाड़ दिया. छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का यह फैसला छात्र हितों के खिलाफ है और इससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाएगा.
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने मांग की कि कुलपति प्रतिदिन छात्र प्रतिनिधियों और आम छात्रों से मिलें, ताकि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके. छात्रों का यह भी कहना है कि कुलपति और शिक्षक उनके अभिभावक के समान होते हैं, जिनसे वे किसी भी समय मिल सकें -ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए.
छात्रों ने विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को लेकर भी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि पीजी (PG) में अब तक नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. लंबे समय तक स्थायी कुलपति नहीं रहने के कारण पहले से ही छात्रों में असंतोष है.
छात्र नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि झारखंड की धरती अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए जानी जाती है. उन्होंने कहा कि कुलपति छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए आई हैं, न कि एकतरफा आदेश थोपने के लिए.छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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