Palamu News: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) में वित्तीय एवं प्रशासनिक मामलों को लेकर उठ रहे सवालों पर आजसू छात्र संघ ने प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. आजसू छात्र संघ का कहना है कि वित्तीय मामलों में केवल कुलपति को सवालों के घेरे में रखकर पूरी जांच नहीं की जा सकती. वित्तीय निर्णयों से जुड़ी पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया और उसमें शामिल सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए.
इसे भी पढ़ें:
आजसू ने कहा कि किसी भी वित्तीय निर्णय में फाइल तैयार करने, टिप्पणी, अनुशंसा, स्वीकृति और भुगतान तक कई स्तर शामिल होते हैं. इसलिए जांच का आधार किसी व्यक्ति का पद नहीं, बल्कि दस्तावेज और संबंधित अधिकारी की भूमिका होनी चाहिए.
आजसू ने रजिस्ट्रार डॉ. नाफिस अहमद से जुड़े घटनाक्रम पर भी सवाल उठाए हैं. संगठन के अनुसार, मीडिया रिपोर्टों में 9 सितंबर 2026 को उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने और उसी दिन प्रभार सौंपने का निर्देश दिए जाने की बात सामने आई थी. इसके बाद विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उनका नाम फिर से रजिस्ट्रार के रूप में प्रदर्शित होना कई सवाल खड़े करता है.
आजसू ने पूछा कि यदि इस्तीफा स्वीकार कर प्रभार लिया गया था, तो उसके बाद क्या प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई गई? उन्हें किस आदेश के तहत और किस हैसियत से दोबारा जिम्मेदारी दी गई? क्या इस संबंध में कोई नया आदेश जारी हुआ है? संगठन ने इस्तीफे से लेकर प्रभार हस्तांतरण और उसके बाद की पूरी प्रक्रिया से जुड़े सभी आदेश सार्वजनिक करने की मांग की है.
आजसू ने वित्तीय मामलों की जांच में रजिस्ट्रार डॉ. नाफिस अहमद, फाइनेंस एडवाइजर अखिलेश शर्मा, फाइनेंस ऑफिसर कुर्तुल्लाह, CCDC मनोरमा सिंह, पूर्व कुलानुशासक आर.के. झा सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है.
संगठन ने कहा कि वह जांच से पहले किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करने के पक्ष में नहीं है. यदि किसी अधिकारी की भूमिका नहीं है, तो जांच के बाद यह भी स्पष्ट होना चाहिए. वहीं, यदि किसी की जिम्मेदारी प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.
छात्र संघ की छह प्रमुख मांगें
आजसू छात्र संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. संगठन के अनुसार, केवल कुलपति पर आरोप लगाकर पूरे विश्वविद्यालय की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब नहीं मिल सकता. इस्तीफा, प्रभार और दोबारा जिम्मेदारी से जुड़े सभी सवालों का जवाब दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

