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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

खबरों के अनुसार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के क्रम में  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा कि पहले सेशन कोर्ट क्यों नहीं गये, हमें याचिका पर सुनवाई क्यों करनी चाहिए.
 
  • अपर महाधिवक्ता ने अग्रिम ज़मानत का विरोध किया, कोर्ट को पॉक्सो केस की गंभीरता से अवगत कराया
  • हाईकोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस की जांच में सहयोग करने का  निर्देश दिया
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस के चैंबर में सुनवाई हुई.

Prayagraj : बटुकों के यौन शोषण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है.  


जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने यह फैसला सुनाया है.  इस मामले में अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी. यानी अविमुक्तेश्वरानंद को 15 मार्च तक राहत मिल गयी है.
 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के वकील ने जानकारी दी कि कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी को गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.  


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस की जांच में सहयोग करने का  निर्देश दिया है   
 

खबरों के अनुसार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के क्रम में  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा कि पहले सेशन कोर्ट क्यों नहीं गये, हमें याचिका पर सुनवाई क्यों करनी चाहिए.


सुनवाई आगे बढ़ने पर राज्य सरकार के वकीलों ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि शंकराचार्य पावरफुल व्यक्ति हैं. जमानत मिलने पर वे केस को प्रभावित कर सकते हैं. 


अहम बात यह रही कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस के चैंबर में सुनवाई हुई. प्रयागराज पुलिस ने कहा कि अविमुक्तेश्वरनंद और उनके शिष्य की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है.


राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट को पॉक्सो केस की गंभीरता से अवगत कराया. कहा कि उन्हें निचली अदालत जाना चाहिए था.  शंकराचार्य के वकील ने मामले को  साजिश करार देते हुए कहा,  यह धर्म गुरु का केस है. किसी अपराधी का केस नहीं है.

 

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