Search

 
 
 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई 27 को

अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज हैं उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत से अग्रिम जमानत देने की गुहार लगाई है.
 
  • वर्तमान सरकार(योगी) बुलडोजर संस्कृति चला रही है
  • जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंचदोपहर बाद याचिका पर सुनवाई करेगी
  • पीड़ित बताये गये बच्चे लंबे समय से आशुतोष के साथ ही रह रहे हैं

Prayagraj :  इलाहाबाद हाईकोर्ट  27 फरवरी, शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा. खबरों के अनुसार जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच कल दोपहर बाद इस याचिका पर सुनवाई करेगी.


बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज हैं उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत से अग्रिम जमानत देने की गुहार लगाई है.    


24 फरवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इससे पूर्व प्रयागराज के झूंसी थाने में 21 फरवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गयी थी.
   

एफआईआर दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को पूरी तरह निराधार और सत्ता का षड्यंत्र करार दिया है. उन्होंने जांच में शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज की पुलिस के साथ  मौजूदगी पर सवाल उठाया.


स्वामी ने सफाई देते हुए कहा कि पीड़ित बताये गये बच्चे लंबे समय से आशुतोष के साथ ही रह रहे हैं. हम इसके सबूत अदालत में पेश करेंगे.  


उन्होंने मुख्यमंत्री  योगी पर हमलावर होते हुए कहा कि यूपी  में अपराधियों का बोलबाला है.  अपराधी ही पुलिस की जांच रिपोर्ट मीडिया को बता रहे हैं. स्वामी ने कहा कि  उन्होंने हमेशा कानून के राज की बात की है, चाहे वह अतीक अहमद की हत्या का मामला हो या धर्म की रक्षा का. 
 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि पूर्व की सपा-बसपा सरकारें ने विरोध होने पर अपनी गलतियां मानती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार(योगी) बुलडोजर संस्कृति चला रही है,  

 

 


 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही