Prayagraj : यौन शोषण के आरोप में FIR दर्ज होने को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद योगी सरकार पर भड़क गये हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इसे लेकर सोमवार को मीडिया से रूबरू हुए.
#WATCH वाराणसी, उत्तर प्रदेश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "अगर पुलिस हमें अरेस्ट करने के लिए एक्शन भी लेती है, तो भी हम उनका विरोध नहीं करेंगे। हम कोऑपरेट करेंगे। जनता सब देख रही है... झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। कहानी झूठी साबित होगी, आज नहीं तो कल, कल नहीं तो… pic.twitter.com/xUJqRY78uo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2026
जान लें कि प्रयागराज में वेदपाठी बटुकों के यौन शोषण मामले में वे आरोपी बनाये गये हैं. उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें यूपी पुलिस की जांच पर विश्वास नहीं है. अविमुक्तेश्वरानंद ने मांग की कि किसी गैर-भाजपा शासित राज्य की पुलिस इस मामले की जांच करे.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों से कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे. उन्होंने यूपी पुलिस की कार्रवाई को उन्हें अपमानित करने का कुत्सित प्रयास करार दिया. अपने उपर लगे आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि जिन बच्चों ने शिकायत की है, वे उनके छात्र नहीं है. वे उनके शिविर में कभी भी नहीं रहे है.
अपनी बात रखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातन परंपरा को याद करते हुए कहा कि कालनेमि, राहु और रावण जैसे छद्म वेशी हमेशा से समाज में रहे हैं. उनका पर्दाफाश करेंगे.
अविमुक्तेश्वरानंद ने सफाई देते हुए कहा कि मौनी अमावस्या की घटना के बाद से वे लगातार सीसीटीवी और मीडिया के कैमरों की निगरानी में रहे हैं. उन्होंने योगी सरकार की कार्रवाई को शंकराचार्य पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला षड्यंत्र कहा,
खबर है कि स्वामी सरकार ने अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज यौन शोषण केस की जांच के लिए डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य के नेतृत्व में 5 सदस्यीय स्पेशल टीम गठित की है. पुलिस दोनों पीड़ित बताये गये बच्चों की तलाश में जुट गयी है. पुलिस उनका मेडिकल और बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटायेगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment