Dhanbad News: जांच और पूछताछ के लिए बुलाए गए एक कर्मचारी के साथ ही सीबीआई कार्यालय में कथित मारपीट का मामला सामने आया है. धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय में पूछताछ के दौरान सिंफर (CSIR-CIMFR) के कर्मचारी विवेक सिंह ने सीबीआई अधिकारी संदीप सिंह, दीपक मीणा समेत चार लोगों पर करीब तीन घंटे तक डंडे, लात और घूंसों से पिटाई करने का आरोप लगाया है. कर्मचारी का दावा है कि इस मारपीट में उनकी दाहिनी जांघ में गंभीर चोटें आई हैं. हालत ऐसी है कि उन्हें चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है. पीड़ित ने पूरे मामले की लिखित शिकायत सिंफर के उच्च पदाधिकारियों से कर न्याय और उचित कार्रवाई की मांग की है.
पीड़ित विवेक सिंह ने यह जानकारी रविवार को मीडिया को दी. उन्होंने बताया कि मामला 29 अक्टूबर का है. उन्हें सिंफर के पूर्व निदेशक से जुड़े कथित मानदेय वितरण घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय बुलाया गया था. उन्हें सुबह 10:30 बजे कार्यालय पहुंचने को कहा गया था. कर्मचारी का आरोप है कि पूछताछ के दौरान जब उनके जवाब अधिकारियों की अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिले तो उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई.
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विवेक सिंह का आरोप है कि संदीप सिंह, दीपक मीणा और दो अन्य लोगों ने मिलकर उनके साथ करीब तीन घंटे तक मारपीट की.इस दौरान डंडे और पैरों से प्रहार किया गया.कर्मचारी के मुताबिक पिटाई के कारण उनकी दाहिनी जांघ में गंभीर चोटें आई हैं और वहां कटने के निशान भी बन गए हैं.चोट के कारण उन्हें सामान्य रूप से चलने-फिरने में भी काफी परेशानी हो रही है.
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया है कि सिंफर के चिकित्सक ने उनकी स्थिति को देखते हुए एक सप्ताह तक आराम करने की सलाह दी है.उनका कहना है कि पूछताछ के नाम पर जांच एजेंसी के कार्यालय में इस तरह का व्यवहार बेहद गंभीर और चिंताजनक है.उन्होंने सिंफर प्रबंधन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने की मांग की है.
विवेक सिंह ने अपनी आपबीती सिंफर के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप में बताई है. उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि किसी भी नागरिक के साथ जांच एजेंसी के कार्यालय में इस तरह का कथित व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए.
फिलहाल,मामला आरोपों और शिकायत तक सीमित है. सीबीआई की ओर से आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में शिकायत की जांच, चोटों से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज और सीबीआई का पक्ष इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण होगा.
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