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झारखंड चैंबर चुनाव में बोगस वोटिंग का आरोप, मतदाता ने दिखाए फर्जी हस्ताक्षर के सबूत

Ranchi News: मतदाता दिलवीर सिंह की ओर से जारी पहली तस्वीर एक मोबाइल फोन स्क्रीन की है. इसमें FJCCI के सिस्टम का डिजिटल रिकॉर्ड दिख रहा है. इस रिकॉर्ड में 'दिलवीर सिंह चड्ढा' की तस्वीर है. साथ ही उनका अधिकृत हस्ताक्षर 'दिलवीर सिंह' (Dilbir Singh) भी साफ नजर आ रहा है. उनका कहना है कि यह हस्ताक्षर सिस्टम में पहले से दर्ज था.
 
दिलवार सिंह

Ranchi News: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के वार्षिक चुनाव में बोगस वोटिंग का गंभीर आरोप लगा है. मतदाता और व्यवसायी दिलवीर सिंह चड्ढा ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. उन्होंने अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत भी जारी किया है.

 

दिलवीर ने दो तस्वीरें जारी कर बताया है कि उनके नाम पर किसी और ने फर्जी हस्ताक्षर कर वोट डाल दिया है. उन्होंने चुनाव संचालन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है.

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सिस्टम और रजिस्टर के हस्ताक्षर में दिखा अंतर 

मतदाता दिलवीर सिंह की ओर से जारी पहली तस्वीर एक मोबाइल फोन स्क्रीन की है. इसमें FJCCI के सिस्टम का डिजिटल रिकॉर्ड दिख रहा है. इस रिकॉर्ड में 'दिलवीर सिंह चड्ढा' की तस्वीर है. साथ ही उनका अधिकृत हस्ताक्षर 'दिलवीर सिंह' (Dilbir Singh) भी साफ नजर आ रहा है. उनका कहना है कि यह हस्ताक्षर सिस्टम में पहले से दर्ज था. वहीं  दूसरी तस्वीर मतदान स्थल पर मौजूद भौतिक रजिस्टर की है. इस रजिस्टर पर वोट डालने आए मतदाताओं से हस्ताक्षर लिए जा रहे थे.

 

इस रजिस्टर के सीरियल नंबर 2201 और काउंटर नंबर 11 (Counter XI) पर 'मदर्स टच' (Mothers Touch) संस्था का नाम लिखा है. इसके सामने वाले कॉलम में 'दिलवीर चड्ढा' (Dilbir Chadha) के नाम से एक अलग हस्ताक्षर मौजूद है. दिलवीर का सीधा आरोप है कि रजिस्टर में किया गया यह हस्ताक्षर उनका नहीं है. उनका कहना है कि किसी अनजान व्यक्ति ने उनके नाम पर जाली हस्ताक्षर करके वोट डाल दिया है.

 

बिना पहचान पत्र जांचे मतदान कराने की शिकायत 

दिलवीर सिंह रविवार को मतदान करने पहुंचे थे. उनका कहना है कि जब वे मतदान केंद्र के अंदर गए, तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है. दिलबीर का आरोप है कि वहां मौजूद अधिकारियों ने मतदाताओं की पहचान के लिए कोई पुख्ता जांच नहीं की. सिस्टम में मतदाता की तस्वीर मौजूद थी. इसके बावजूद अधिकारियों ने किसी का चेहरा नहीं मिलाया. किसी भी पहचान पत्र की जांच नहीं की गई. इस लापरवाही का फायदा फर्जी मतदाता ने उठाया. उसने रजिस्टर पर जाली हस्ताक्षर कर आसानी से बोगस वोट डाल दिया.

 

चुनाव रद्द कर दोबारा वोटिंग कराने की अपील 

दिलवीर का आरोप है कि जब उन्होंने ने आपत्ति जताई तो प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति ने अपनी जेब से एक पर्ची निकालकर उन्हें थमा दी और उन्हें वोट डालने को कहा. दिलवीर ने इस पूरे मामले में  निष्पक्ष जांच की अपील की है. उन्होंने चुनाव समिति और अधिकारियों से मांग की है कि इस चुनाव को तत्काल रद्द किया जाए. चुनाव की साख बचाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा मतदान कराया जाए.

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