Koderma: कोडरमा मंडल कारा एक बार फिर विवादों में आ गया है. जेल में बंद एक कैदी ने कारा प्रशासन पर विशेष सुविधाओं के नाम पर अवैध वसूली, मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले की शिकायत जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, जेल आईजी और मानवाधिकार आयोग तक पहुंचाई गई है.
हत्या के एक मामले में मंडल कारा में बंद कैदी मोकामा निवासी दिलखुश कुमार ने अपने परिजनों के माध्यम से भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि जेल के भीतर मुलाकात, वार्ड बदलने, इलाज कराने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर उससे लाखों रुपये की मांग की गई. कैदी का दावा है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे सेल में बंद कर प्रताड़ित किया गया.

कैदी दिलखुश कुमार द्वारा परिजनों को लिखा गया पत्र
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विभिन्न खातों में ऑनलाइन माध्यम से करीब तीन लाख रुपये जमा कराए गए. आरोपों के समर्थन में कुछ यूपीआई लेन-देन के स्क्रीनशॉट भी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए हैं.

यूपीआई लेन-देन का स्क्रीनशॉट
इधर हाल ही में जेल से बाहर आए कांग्रेस नेता संतोष यादव ने भी कारा के अंदर अवैध वसूली और विशेष सुविधाओं के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जेल में बेहतर भोजन, अलग वार्ड, मुलाकात और मोबाइल पर बातचीत जैसी सुविधाओं के लिए अलग-अलग रकम वसूली जाती है. उन्होंने नए कैदियों से भी मोटी रकम लेने का आरोप लगाया है.
हालांकि कारा प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. मंडल कारा अधीक्षक राजमोहन राजन ने कहा कि जेल में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं चल रही है और सभी आरोप निराधार हैं. उन्होंने कहा कि जेल का नियमित निरीक्षण न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जाता है.
वहीं जेलर प्रेम कुमार सिंह ने भी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने और पद से हटाने के उद्देश्य से साजिश रची जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कैदियों को जेल मैनुअल के अनुरूप भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. फिलहाल शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच और सत्यता को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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