Hazaribagh/Ranchi: कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद पिछले कुछ दिनों से राजनीति में सक्रिय नजर आ रही थीं. हजारीबाग के विष्णुगढ़ के कुसुंबा में 12 साल की नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के बाद अंबा प्रसाद की सक्रियता और बढ़ गई थी.
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने बच्ची की मां और भाजपा नेता भीम राम के साथ मिलकर सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए. इस दौरान हजारीबाग बंद से लेकर एसपी का पुतला दहन तक किया गया. वहीं डीजीपी को लेकर भी अंबा प्रसाद ने अपशब्द कह डाला था. उन्होंने सरकार को भी नहीं छोड़ा. सरकार को घेरते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर कहा था कि इस सरकार में राज्य की बहु-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं.
इतना ही नहीं हजारीबाग बंद के दौरान भी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद आरोपी के साथ कदम से कदम मिलाकर नजर आईं. अब सवाल यह उठ रहा है कि राजनीति अह किस ओर जा रही है कि आरोपी के साथ ही खड़े होकर ही राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है.
कौन लेगा दुष्कर्म की अफवाह उड़ाने की जिम्मेदारी!
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 साल की बच्ची की बलि देने की घटना के बाद भाजपा हजारीबाग पुलिस पर हमलावर रही. इस पार्टी ने अपने बयानों में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की बात को खूब उछाला. विरोध में हजारीबाग बंद किया. पुलिस-प्रशासन को एक दिन का भी वक्त नहीं दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक का इंतजार नहीं किया. और अब उसी की पार्टी का नेता इस घटना में गिरफ्तार हुआ है. तब पार्टी नेताओं ने चुप्पी साध ली है.
इन घटनाक्रमों के बीच असल सवाल यह उठता है कि आखिर एक बच्ची, जिसकी हत्या हो चुकी है, उसके नाम पर राजनीति करने, बिना इंतजार किये उसके साथ दुष्कर्म होने की बात फैलाने और मृत्यु के बाद उसके सम्मान की धज्जियां उड़ाने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
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