Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड में एंबुलेंस सेवा को मजबूती, दो माह में 237 नई एंबुलेंस होगी शामिल

झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. अगले दो महीनों के भीतर राज्य में 237 नई एंबुलेंस शामिल की जाएगी, जो पुरानी और जर्जर एंबुलेंस का स्थान लेंगी.
Advertisement
Advertisement

Ranchi : झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. अगले दो महीनों के भीतर राज्य में 237 नई एंबुलेंस शामिल की जाएगी, जो पुरानी और जर्जर एंबुलेंस का स्थान लेंगी.
 

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्तमान में 108 एंबुलेंस सेवा के तहत राज्य में 487 एंबुलेंस संचालित हैं, जबकि 100 से अधिक छोटी एंबुलेंस भी विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं. इनमें से करीब 48 एंबुलेंस फिलहाल ऑफ रोड हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा.

 

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नई एंबुलेंस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी. इनमें जीपीएस और रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा होगी, जिससे एंबुलेंस की निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा. विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मरीजों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सकेगी.

 

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस और शव वाहन अलग-अलग सेवाएं हैं. राज्य के प्रत्येक जिले में दो शव वाहन की व्यवस्था पहले से की गई है. आवश्यकता के अनुसार भविष्य में और शव वाहन खरीदे जाएंगे, ताकि किसी भी स्थिति में आम लोगों को परेशानी न हो.

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार हर एक लाख की आबादी पर कम से कम एक बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और हर दस लाख की आबादी पर एक एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस होना अनिवार्य है. लगभग चार करोड़ की आबादी वाले झारखंड में इन मानकों के अनुरूप एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नई एंबुलेंस के शामिल होने से राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी.

 

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही