Search

चालू वित्तीय वर्ष के नौ महीने में सरकार की आमदनी सालाना लक्ष्य की आधी भी नहीं

Ranchi :  सरकार के नौ महीने में हुई आमदनी उसके सालाना अनुमानित खर्च की आधी भी नहीं है. दिसंबर तक सरकार को सभी स्रोतों से कुल 70,167.67 करोड़ रुपये ही मिले हैं, जो उसके अनुमानित खर्च का सिर्फ 48.90% है. पिछले साल इसी अवधि में सरकार की आमदनी उसके सालाना खर्च के मुकाबले 55.47% थी.

 

दिसंबर तक सिर्फ 48.90% राजस्व मिला

 राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान 143479.14 करोड़ रुपये का राजस्व (आमदनी) का अनुमान किया था. महालेखाकार के आंकड़ों के अनुसार, सरकार को अपने राजस्व अनुमान के मुकाबले दिसंबर तक सिर्फ 48.90% राजस्व ही मिल सका है.  सरकार का यह राजस्व पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान इसी अवधि में मिले राजस्व के मुकाबले 5.57 परसेंट कम है. 

 

सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व जीएसटी से मिलता

सरकार के अपने राजस्व के स्रोतों में सबसे ज्यादा राजस्व जीएसटी से मिलता है. हालांकि केंद्र सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य में किये गये संशोधन के बाद राज्य को जीएसटी से मिलने वाले राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. 

 

 चालू वित्तीय वर्ष में सरकार को जीएसटी के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले दिसंबर तक सिर्फ 46.10% राजस्व ही मिल पाया है. इसी अवधि में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार को वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 67.54% राजस्व मिला था. यानी पिछले साल के मुकाबले जीएसटी से मिलने वाले राजस्व के रूप में 21.05 परसेंट की गिरावट दर्ज की गयी है.

 

 

अन्य कर व शुल्क से ज्यादा मिली राशि

हालांकि सरकार के Other Taxes and Duties में दिसंबर तक वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले ज्यादा राशि मिली है. इस मद में सरकार ने 40,93.84 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान किया था. दिसंबर तक इस मद में 70,92.93 करोड़ रुपये मिले हैं.

 

केंद्रीय मद से सिर्फ 20.78% राशि मिली

सरकार को केंद्रीय सहायता अनुदान मद में भी लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 20.78% राशि ही मिली है. इसी तरह केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में भी उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले कम है. चालू वित्तीय वर्ष के दौरान इस मद में दिसंबर तक 67.24 % राशि मिली है. जबकि पिछले साल 73.87% राशि मिली थी.

 

राजस्व में से 91% पैसे खर्च

 चालू वित्तीय वर्ष के दौरान मिले राजस्व में 91% जरूरी खर्चों में लगा है. सरकार की जरूरी खर्चों में वेतन, पेंशन, सूद चुकाना और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अनुदान देना शामिल है. सरकार ने दिसंबर तक वेतन मद में 14,284.46 करोड़ और पेंशन मद में 7,624.39 करोड़ रुपये खर्च किया है.

 

इसके अलावा विकास योजनाओं के लिए पहले से लिये गये कर्ज की रकम पर 3,912.17 करोड़ रुपये सूद चुकाने पर और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अनुदान देने पर 4,145.21 करोड़ खर्च किया है. दिसंबर तक सरकार का पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) 8731.77 करोड़ रुपये है.


 दिसंबर 2025 तक सरकार को मिले कुल राजस्व 

राजस्व मद वार्षिक लक्ष्य (करोड़ में) मिला (करोड़ में) उपलब्धि (%)
जीएसटी 22324.69 10291.72 46.10
स्टाप, निबंधन 1498.17 1170.37 78.12
भू-राजस्व 1798.75 939.91 52.25
वैट 9305.00 4920.80 52.88
उत्पाद 2999.82 2457.05 81.91
केंद्रीय करों में हिस्सा 47041.38 31629.01 67.24
केंद्रीय अनुदान 17064.91 3546.75 20.78

 

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp