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गजब...12 टन की क्षमता, 36 टन की आपूर्ति! PDS में बड़ा फर्जीवाड़ा

सिंबॉलिक फोटो
  • पलामू की RDS एंड सन्स राइस मिल पर गिरी गाज

Ranchi/Palamu  : राशन में चोरी नहीं डाका डाला जा रहा है. सरकारी राशन व्यवस्था में एक और बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. पलामू जिले की आरडीएस एंड सन्स राइस मिल पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के तहत चावल आपूर्ति में गंभीर अनियमितता के आरोपों में फंस गई है. खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस राइस मिल को पीडीएस दुकानों के लिए चावल आपूर्ति करने वाली मिलों की सूची से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

 

विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि संबंधित राइस मिल की अधिकृत उत्पादन क्षमता मात्र 12 टन प्रति घंटा है. लेकिन इसके बावजूद मिल द्वारा लातेहार, पलामू और गढ़वा - तीनों जिलों में एक साथ 12-12-12 टन प्रति घंटा, यानी कुल 36 टन प्रति घंटा चावल की आपूर्ति कागजों में दर्शायी जा रही था. यह न सिर्फ नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि तकनीकी रूप से भी असंभव बताया जा रहा है.

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग ने मजिस्ट्रेटी जांच कराई, जिसमें क्षमता से कई गुना अधिक चावल आपूर्ति किए जाने की पुष्टि हुई. जांच में स्पष्ट हुआ कि राइस मिल एक ही समय में तीनों जिलों के लिए उत्पादन दिखा रही थी, जिससे यह संदेह और गहराता जा रहा है कि पीडीएस सिस्टम में कागजी आपूर्ति के जरिए बड़े पैमाने पर अनाज की हेराफेरी की गई है.

 

विभागीय सूत्रों के अनुसार, हाल ही में गढ़वा जिले के जेएफएफसी गोदाम से करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का अनाज गायब पाया गया था. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गोदाम की वास्तविक भंडारण क्षमता से कहीं अधिक स्टॉक केवल कागजों में दिखाया गया था. भौतिक सत्यापन में तीन करोड़ रुपये से अधिक के अनाज की भारी कमी सामने आई, जिससे पूरे पीडीएस तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

 

खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए आरडीएस एंड सन्स राइस मिल को अगले पांच वर्षों के लिए डी-बार (प्रतिबंधित) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल मिल प्रबंधन से उनका पक्ष मांगा गया है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पक्ष प्राप्त होने के बाद सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी.

 

 

 

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