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अमेरिका World Health Organization से बाहर निकला, लगाया अमेरिकी हितों के खिलाफ काम करने का आरोप

Washington : अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) से बाहर निकल गया है. खबरों के अनुसार अमेरिका ने  अक्षम नौकरशाही, कोविड-19 महामारी से निपटने में असफलता और अमेरिकियों पर थोपी गयी विफलताओं का हवाला देते हुए सदस्यता छोड़ दी है.


अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और स्वास्थ्य मंत्री कैनेडी संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि भविष्य में  WHO के साथ अमेरिका की भागीदारी अमेरिकी लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा करने तक सीमित रहेगी.


बयान के अनुसार WHO के लिए अमेरिका द्वारा दी जाने वाली सभी प्रकार की धनराशि और कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गयी है, हालांकि अमेरिका सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करना जारी रखेगा. लाखों लोगों की जान बचाने में उसकी भूमिका रहेगी.

 
बयान में कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग हो गया है. अमेरिका ने खुद को WHO की बाध्यताओं से मुक्त कर लिया है.  याद दिलाया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना कार्यकाल शुरू करते ही  ईओ 14155 पर हस्ताक्षर किये थे.  

 

अमेरिका ने यह कार्रवाई कोविड-19 महामारी के दौरान डब्ल्यूएचओ की विफलताओं के जवाब में की है. अमेरिका के अनुसार WHO से बाहर निकलने का उद्देश्य उसकी विफलताओं से अमेरिकी जनता को हुए नुकसान की भरपाई करना है. 


अमेरिका ने अपने बयान संयुक्त बयान में WHO पर अपने मूल उद्देश्य से भटकने और अमेरिकी हित के विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया गया है, याद दिलाया कि अमेरिका इसका संस्थापक सदस्य और सबसे बड़ा वित्तीय योगदानकर्ता रहा है.  


अमेरिका ने आरोप लगाया है कि WHO अमेरिकी हितों के शत्रु माने जाने वाले देशों द्वारा संचालित राजनीतिक और नौकरशाही एजेंडे पर चला. कोविड-19 के संदर्भ में कहा कि डब्ल्यूएचओ ने महत्वपूर्ण जानकारियों की समय पर सटीक आदान-प्रदान में बाधा डाली, जिससे अमेरिकी लोगों की जान बचाई जा सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं किया गया.  


अमेरिका के अनुसार WHO की सदस्यता छोड़ते समय भी उसने अमेरिका द्वारा किये गये सभी कार्यों को  अपमानित किया. आरोप लगाया कि WHO अपने सामने लहराते अमेरिकी ध्वज को सौंपने से भी मना कर रहा है,  


अहम बात यह है कि WHO से बाहर निकलने की घोषणा व्हाइट हाउस द्वारा जारी किये गये राष्ट्रपति के ज्ञापन के बयान में की गयी है, जिसमें 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठनों और 31 संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं से हटने का जिक्र  किया गया है.

 

 
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