- अमेरिका ने ईरान के तट से 2,000 मील दूर समुद्र में जघन्य अपराध किया है
- मेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, पनडुब्बी ने टॉरपीडो से युद्धपोत को निशाना बनाया
- फ्रिगेट आईआरआईएस डेना श्रीलंका के गाले शहर से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण में था
Tehran : श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास (हिंद महासागर) 4 मार्च को सुबह ईरानी नौसेना के फ्रिगेट आईआरआईएस डेना पर अमेरिकी पनडुब्बी ने टारपीडो फायर कर उसे डुबा दिया. खबर है कि इस घटना में ईरान के 87 नौसैनिक मारे गये हैं.
The U.S. has perpetrated an atrocity at sea, 2,000 miles away from Iran's shores.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 5, 2026
Frigate Dena, a guest of India's Navy carrying almost 130 sailors, was struck in international waters without warning.
Mark my words: The U.S. will come to bitterly regret precedent it has set. pic.twitter.com/cxYiI9BLUk
https://t.co/PiqQpVIrMu pic.twitter.com/Wc1e0B0um7
— Department of War 🇺🇸 (@DeptofWar) March 4, 2026
पनडुब्बी हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेताते हुए एक्स पर पोस्ट किया. अमेरिका को इस हमले के लिए पछताना पड़ेगा.
अब्बास अराघची ने लिखा, अमेरिका ने ईरान के तट से 2,000 मील दूर समुद्र में जघन्य अपराध किया है. आरोप लगाया कि भारतीय नौसेना के मेहमान 130 नाविकों को ले जा रहे फ्रिगेट डेना पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना कोई चेतावनी दिये हमला किया गया.
लिखा कि अमेरिका को अपने इस कृत्य पर पछताना पड़ेगा. इस घटना से ईरान-अमेरिका संघर्ष के भारत के समुद्री क्षेत्र तक फैलने की आशंका बलवती हो गयी है.
जानकारी के अनुसार फ्रिगेट आईआरआईएस डेना श्रीलंका के गाले शहर से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण में था. उसी समय उस पर हमला हुआ.
बता दें कि ईरानी पोत विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल होने के बाद अपने देश वापस जा रहा था.
श्रीलंकाई नौसेना और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी पनडुब्बी ने जलपोत पर टॉरपीडो से हमला किया. हमले के बाद सुबह 5:08 से 5:30 बजे के बीच जहाज से संकट वाला संदेश प्रसारित किया गया.
संदेश में कहा गया था कि समुद्र के नीचे हुए बड़े विस्फोट के कारण जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है. जहाज में तेजी से पानी भर रहा है. संदेश आने के कुछ ही मिनटों में जहाज रडार से गायब हो गया.
इस घटना के संबंध में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से इस युद्धपोत को निशाना बनाया है. गाले के अस्पताल अधिकारियों के अनुसार बचाव दल ने अब तक 87 शव बरामद किये गये.
32 नाविकों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. जहाज पर 180 लोग सवार थे. 60 नाविक अब भी लापता हैं.
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