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आम्रपाली कोल परियोजना : 8 लोगों की कमिटी 10 लोगों से करवाती है प्रति ट्रक 800 की वसूली

चतरा के आम्रपाली कोल परियोजना में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा हुआ है. स्पेशल ब्रांच की  गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, टंडवा थाना क्षेत्र के चार विस्थापित गांवों - कुमड़ाग कला, कुमराग खुर्द, होन्हें बिंगलात और उड़सू के आठ ग्रामीणों (रामाशीष, अमलेश, संजीत, युगल, आदित्य, महेश, रवि और रामलाल) ने मिलकर एक कमेटी का गठन किया है.
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Chatra: चतरा के आम्रपाली कोल परियोजना में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा हुआ है. स्पेशल ब्रांच की  गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, टंडवा थाना क्षेत्र के चार विस्थापित गांवों - कुमड़ाग कला, कुमराग खुर्द, होन्हें बिंगलात और उड़सू के आठ ग्रामीणों (रामाशीष, अमलेश, संजीत, युगल, आदित्य, महेश, रवि और रामलाल) ने मिलकर एक कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी होन्हें गांव के दस व्यक्तियों (हुलास, पृथन, राजित, सुरेश, अरविंद, विनेश्वर, संतोष, लालो, इंद्रदेव और बद्री) के माध्यम से कोयला लोड ट्रकों से अवैध वसूली करवा रही है.

 

 जानें कैसे होती है वसूली 

 

आम्रपाली कोल परियोजना के गेट नंबर के आगे, ग्राम बिंगलात के पास, एक बैरियर बनाकर, प्रतिदिन आम्रपाली परियोजना में प्रवेश करने वाले लगभग 250-300 कोयला वाहनों से 500 रुपया प्रति ट्रक और बाहरी कोयला वाहनों से 500 रूपया प्रति ट्रक और 300 रुपया पार्किंग के नाम पर (कुल 800 रुपया) वसूली होती है.

 

फर्जी रसीद और पैसों का बंटवारा 

 

वसूली करने वाले चालकों को "आम्रपाली परियोजना टंडवा (चतरा)" के नाम से एक फर्जी टोकन रसीद दी जाती है. इस रसीद पर केवल दिनांक और गाड़ी का आधा नंबर अंकित होता है और किसी के भी हस्ताक्षर नहीं होते हैं.


रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वसूली गई राशि को केवल विस्थापित गांव के ग्रामीणों तक ही सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इसका एक हिस्सा ट्रक एसोसिएशन, पुलिस प्रशासन और अन्य प्रभावशाली लोगों को भी दिया जाता है. यह इशारा करता है कि इस अवैध धंधे में एक बड़ा गठजोड़ शामिल है.

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