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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT टीम अयोध्या मंदिर पहुंची, जांच शुरू की

अखिलेश यादव ने जांच एजेंसियों द्वारा मंदिर के सेवादारों और कर्मचारियों से की जा रही पूछताछ पर गहरी आपत्ति जताते हुए इसे सनातन धर्म का अपमान  बताया था. कहा कि जो लोग हमारी आस्था को बनाए रखते हैं, अधिकारी उन्हीं की जांच कर रहे हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
 

Ayodhya : योगी सरकार द्वारा  गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच शुरू कर दी है. खबर है कि  एसआईटी  की टीम आज सोमवार   सुबह मंदिर परिसर पहुंची और गणना कक्ष से अपनी पड़ताल शुरू की.

 

इससे पूर्व राम मंदिर चंदे के आरोपों की जांच के लिए बनी SIT को लेकर मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मैंने कल कहा था, राज्य सरकार का फैसला अपने आप में तारीफ के काबिल है. यह फैसला शनिवार को लिया गया था और कल रविवार था.. इसलिए SIT के तीनों सदस्यों को आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं मिला.

 

नोटिफ़िकेशन और टर्म्स ऑफ रेफरेंस आज सुबह उनके ऑफ़िस में पहुंचा दिये गये हैं. मुझे जानकारी मिली है कि SIT की  टीम ने मुख्यमंत्री से मिलकर मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने का मौका मांगा है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर उत्तर प्रदेश शासन ने विशेष जांच दल का गठन किया है. एसआईटी को सात दिनों के अंदर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के अंदर विस्तृत अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिये गये हैं. 

 

नृपेंद्र मिश्रा ने लोगों से कहा कि एसआईटी के गठन को लेकर अफवाह फैलायी जा रही है उससे बचना चाहिए. कहा कि जांच में कोई ढिलाई नहीं होगी.  नृपेंद्र मिश्रा ने  कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद एसआईटी की टीम अयोध्या में जांच शुरू करेगी. एसआईटी के अध्यक्ष लखनऊ के मंडलायुक्  विजय विश्वास पंत बनाये गये हैं. इसके अलावा आईपीएस अधिकारी किरण एस  और वित्त विभाग के विशेष सचिव  नील रतन सदस्य होंगे.
 


नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास जीतना हमारी प्राथमिकता है. ट्रस्ट उसमें पूरा सहयोग देगा. उन्होंने कहा कि दान पत्र गड़बड़ी मामले में आपराधिक जांच के साथ सुधारात्मक कदमों पर भी हमारा फोकस होगा. राम मंदिर ट्रस्ट, जिला प्रशासन और SIT मिलकर कार्रवाई करेंगे.

 

बता दें कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र गबन मामले में चल रही जांच को लेकर विवादित बयान दिया था..

 

अखिलेश यादव ने जांच एजेंसियों द्वारा मंदिर के सेवादारों और कर्मचारियों से की जा रही पूछताछ पर गहरी आपत्ति जताते हुए इसे सनातन धर्म का अपमान  बताया था.कहा कि जो लोग हमारी आस्था को बनाए रखते हैं, अधिकारी उन्हीं की जांच कर रहे हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. सलाह दी कि भगवान राम के चढ़ावे से जुड़े विवाद को कैमरे बंद करके निजी तौर पर सुलझाना चाहिए.

 

SIT के गठन से पूर्व स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने रुदौली क्षेत्र के शुजागंज स्थित मीनापुर फगौली गांव के  निवासी लव कुश मिश्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं.

 

 

 लव कुश मिश्र मंदिर के दानपात्रों में जमा चढ़ावे की राशि की गणना से जुड़े कार्यों में शामिल था. जांच के दौरान उसके घर से लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद किये गये हैं. यह रकम गोबर के भीतर छिपाकर रखी गयी थी.   

 

 

 

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