Ranchi : चर्चित अंकुश शर्मा हत्याकांड में कोर्ट का मंगलवार को फैसला आया है. मामले में ट्रायल फेस कर रहे दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में चिल्ड्रेन कोर्ट ने बरी कर दिया. दरअसल, मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) की लापरवाही का लाभ आरोपियों को मिला है. सीसीटीवी फुटेज को मामले के ट्रायल के दौरान कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया.
बता दें कि यह मामला सुखदेवनगर थाना क्षेत्र (कांड संख्या 62/2020 ) से जुड़ा है. दोनों आरोपी घटना के समय नाबालिग थे, जिस कारण उनके मामले का ट्रायल चिल्ड्रेन कोर्ट में चला था. 4 फरवरी 2020 को अंकुश शर्मा का शव बिरला मैदान से बरामद हुआ था.
आरोप था कि उसकी हत्या कर शव को वहां फेंक दिया गया था. आरोप था कि मृतक अंकुश शर्मा आरोपियों में एक की नाबालिग बहन से छेड़खानी और पीछा करता था. जिससे नाराज नाबालिग ने अपने साथियों संग मिलकर लाठी डंडा, हॉकी स्टिक और ईट पत्थर से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी थी और शव को बिरला मैदान में फेंक दिया था.
सुखदेव थाना की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन कोर्ट में ट्रायल के दौरान आईओ ने जिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था वह सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया था. जिसका लाभ आरोपियों को मिला.
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