Ranchi: धुर्वा के मल्हार कोचा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की तलाश में रांची पुलिस पूरी ताकत से जुटी हुई है. एक तरफ जहां पुलिस तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर गहन छानबीन कर रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की जल्द बरामदगी की मांग को लेकर रविवार को धुर्वा बंद बुलाया गया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला.
हजारों नंबर और फुटेज की हो रही है पड़ताल
बच्चों की गुमशुदगी को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है और जिले के सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी और ट्रैफिक एसपी सहित सभी थानों के इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी धुर्वा थाना में डेरा डाले हुए हैं. पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं, जिनकी मॉनिटरिंग ग्रामीण एसपी स्वयं कर रहे हैं.

जांच की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस अब तक करीब 5000 मोबाइल नंबरों और लगभग 2000 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर चुकी है.
मोबाइल नंबरों की छानबीन
जिस दिन बच्चे लापता हुए थे, उस दिन इलाके में साप्ताहिक बाजार लगा था. इस कारण क्षेत्र में लोगों की आवाजाही अधिक थी और बड़ी संख्या में मोबाइल फोन सक्रिय थे. कॉल डंप निकालने पर हजारों मोबाइल नंबर एक्टिव पाए गए, जिनकी बारीकी से छानबीन की जा रही है. तकनीकी जांच के साथ-साथ पुलिस मानवीय सूचनाओं को भी गंभीरता से ले रही है और हर संभावित सुराग पर काम कर रही है. ग्रामीण एसपी लगातार बाहर भेजी गई पुलिस टीमों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं.
बच्चों की बरामदगी की मांग पर धुर्वा रहा बंद
मासूमों की अब तक बरामदगी न होने के विरोध में स्थानीय लोगों और संगठनों ने रविवार को धुर्वा बंद का आह्वान किया. बंद के कारण जगन्नाथपुर चौक से लेकर सेक्टर-2 मार्केट, सेक्टर-3 मार्केट, धुर्वा बस स्टैंड, शर्मा मार्केट, जेपी मार्केट और यहां तक कि साप्ताहिक सेक्टर-2 का रविवार बाजार भी पूरी तरह से बंद रहा. हालांकि कुछ स्थानों पर जबरन दुकानें बंद कराने की कोशिश भी की गई, जिस पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. रांची पुलिस ने बच्चों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के लिए अपनी गतिविधियां और तेज कर दी हैं.
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