Ranchi : नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में विश्व टीबी दिवस के अवसर पर नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने 76 संविदा आधारित चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया.
इस मौके पर इरफान अंसारी ने कहा कि डॉक्टरों का योगदान समाज में अमूल्य होता है और उनकी सेवाएं जीवनभर याद रखी जाती हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में और बड़े स्तर पर नियुक्तियां की जाएंगी.
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही जेपीएससी के माध्यम से 1250 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. साथ ही पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी काम किया गया है.

मंत्री ने कहा कि राज्य के अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत कम होगी. झारखंड में पहली बार मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना भी की गई है, जिससे राज्य के छात्र यहीं पढ़ाई कर सकेंगे.
उन्होंने कहा कि ब्लड सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने के लिए टोल फ्री नंबर के साथ नई व्यवस्था बनाई जा रही है. सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यभर में जांच अभियान चलाया जाएगा. वर्ष 2030 तक टीबी मुक्त झारखंड बनाने के लक्ष्य पर भी काम किया जा रहा है.
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए राज्य में बड़े स्तर पर जांच और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. वर्ष 2025 में 9.5 लाख लोगों की जांच की गई थी, जबकि इस वर्ष 12 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है.
अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आने वाले 100 दिनों में राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच और जागरूकता कार्यक्रम तेज किए जाएंगे. कार्यक्रम के दौरान जागरूकता के लिए विशेष वाहनों को भी रवाना किया गया.
कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने के संकल्प के साथ हुआ. इस अवसर पर कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे.
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