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महिला सुपरवाइजर नियुक्ति केस : हाईकोर्ट ने निरस्त किया अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द का आदेश

  • जेएसएससी ने दिया था दस्तावेज वेरीफिकेशन में उम्मीदवारी रद्द करने का आदेश
  • महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए विज्ञापन निकला था

Ranchi: महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमिशन (जेएसएससी) द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेज वेरिफिकेशन में त्रुटि निकालकर उनकी उम्मीदवारी रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जेएसएससी द्वारा प्रार्थियों के दस्तावेज वेरिफिकेशन के दौरान उनके उम्मीदवारी रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया. 


कोर्ट ने प्रार्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल कराने का आदेश जेएसएससी को दिया है. आकांक्षा कुमारी एवं अन्य की ओर से मामले में याचिका दाखिल की गई थी. मामले में प्रार्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अधिवक्ता अमृतांश वत्स एवं अधिवक्ता तान्या ने पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि  महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए विज्ञापन निकला था.  

 

महिला सुपरवाइजर नियुक्ति के विज्ञापन और नियुक्ति नियमावली में यह कहीं यह नहीं लिखा हुआ था कि अभ्यर्थियों को सोशियोलॉजी,साइकोलॉजी और होमसाइंस में 3 वर्षीय ऑनर्स की डिग्री होना अनिवार्य है. नियुक्ति के लिए सिर्फ इन तीनों विषयों के साथ ग्रेजुएशन होना जरूरी था. प्रार्थियों ने इन तीनों विषयों में ग्रेजुएशन किया, हालांकि तीन विषय में ऑनर्स डिग्री नहीं लिया है. 


लेकिन यह तीनों विषयों के साथ ग्रेजुएशन जरूर किया है,  जिसमें उन्होंने दो वर्ष तक उक्त तीनों विषयों की पढ़ाई जरूर की है. प्रार्थियों की दलील देखते हुए कोर्ट ने जेएसएससी द्वारा दस्तावेज वेरिफिकेशन के दौरान उनकी उम्मीदवारी रद्द किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया.

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