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सहायक आचार्य नियुक्ति मामला: हाईकोर्ट ने एक सीट आरक्षित रखने का दिया निर्देश

झारखंड हाईकोर्ट में सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आनंद सेन की बेंच ने जेएसएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही, कोर्ट ने याचिकाकर्ता के हितों की रक्षा करते हुए सहायक आचार्य पद के लिए एक सीट आरक्षित रखने का निर्देश भी दिया है.
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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आनंद सेन की बेंच ने जेएसएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही, कोर्ट ने याचिकाकर्ता के हितों की रक्षा करते हुए सहायक आचार्य पद के लिए एक सीट आरक्षित रखने का निर्देश भी दिया है. कोर्ट ने जेएसएससी को 8 सप्ताह के भीतर शपथ पत्र के जरिए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.


याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने पक्ष रखा. मामले में विनोद कुमार साहू की ओर से याचिका दाखिल की गई थी. प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले में याचिकाकर्ता के पास दो TET प्रमाणपत्र थे—वर्ष 2013 में उन्होंने 60% से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि 2016 के TET में उनके अंक 60% से कम थे. 

 


जेएसएससी ने 2016 के प्रमाणपत्र को आधार बनाते हुए, दस्तावेज़ सत्यापन (DV) सफल होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी. यह भी बताया गया कि पहले TET प्रमाणपत्र की वैधता 5 वर्षों की होती थी, लेकिन 2022 के नियमों में इसे आजीवन मान्य कर दिया गया है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि याचिकाकर्ता के अंक अनारक्षित श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक हैं, इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई.

 

 

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