- RMC के म्यूनिसिपल कमिश्नर हुए थे हाजिर
Ranchi: हाईकोर्ट में रांची नगर निगम में नक्शा पास से जुड़े गौरव कुमार बेसरा की अवमानना याचिका की सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने प्रतिवादियों (राज्य सरकार एवं रांची नगर निगम) के अनुरोध को “बोनाफाइड और वास्तविक” मानते हुए उन्हें समय प्रदान किया. साथ ही अगली सुनवाई 29 जून निर्धारित की.
खंडपीठ ने मौखिक कहा कि कोर्ट चाहती है कि रांची नगर निगम में डेपुटेशन पर आए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) की जगह असिस्टेंट टाउन प्लानर (ATP) नक्शा पास करें. ATP इस कार्य के लिए योग्य और सक्षम व्यक्ति हैं, इन्होंने इससे संबंधित विषय की पढ़ाई की है और ये उस कार्य में दक्ष हैं. ऐसे में नक्शा पास के कार्य में उनकी दक्षता और कार्य अनुभव का लाभ लेना बेहतर रहेगा. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सोनम ने पक्ष रखा. वहीं RMC के म्यूनिसिपल कमिश्नर भी हाजिर थे.
इससे पहले सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि पूर्व में न्यायालय के आदेशों और उसकी मंशा को लेकर कुछ गलतफहमी थी, जो अब स्पष्ट हो चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार अब इस बात को समझती है कि न्यायालय किसी विशेष व्यक्ति की नियुक्ति पर जोर नहीं दे रहा, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संबंधित पद पर योग्य और सक्षम व्यक्ति की नियुक्ति हो.
महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा और इसके लिए उचित नियमावली तैयार की जाएगी. उन्होंने अदालत से मामले पर विचार-विमर्श के लिए समय देने का आग्रह किया.
खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि 12 मई को हुई मौखिक चर्चा से स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है. कोर्ट ने यह भी ऑब्जर्व किया कि रांची नगर निगम के नगर आयुक्त ने एक अन्य लंबित अपील, एल.पी.ए. संख्या 181/2025, के परिणाम की प्रतीक्षा करने का अनुरोध किया है, जिसकी सुनवाई 16 जून 2026 को निर्धारित है और जिसका प्रभाव वर्तमान मामले पर पड़ सकता है. कोर्ट ने राज्य सरकार और रांची नगर निगम को मामले पर विचार के लिए अतिरिक्त समय दे दिया.
यहां बता दें कि वर्ष 2024 में झारखंड में असिस्टेंट टाउन प्लानर की नियुक्ति हो चुकी है. इन्हें झारखंड के जिलों में नियुक्त कर उनसे नक्शा पास करने का काम लिया जा रहा है. लेकिन रांची नगर निगम में इनसे नक्शा पास करने का काम नहीं लिया जा रहा है.
दरअसल पूर्व की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पाया था कि 22 जुलाई 2025 के कोर्ट के आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है. इस आदेश में RMC के प्रशासक ने टाउन प्लानर और लीगल सेक्शन से संबंधित व्यवस्था जल्द लागू करने का आश्वासन दिया था. कोर्ट ने यह भी ऑब्जर्व किया कि कई तारीखों (12 नवंबर, 3 दिसंबर, 9 दिसंबर 2025 और 24 व 30 मार्च 2026) पर मौका देने के बावजूद कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ था. इसपर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी.
यहां बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 के आदेश पर रोक लगाई है, लेकिन बाकी आदेश अब भी प्रभावी हैं. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को मुख्य मामले की सुनवाई जारी रखने को कहा है.
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