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फादर बेनेदिक्त बारला पर हमला: 3 नाबालिग निरूद्ध, मेला घूमने के लिए पैसे चुराने घुसे थे स्कूल में

Khunti News: बता दें कि 20 अक्टूबर 2026 की रात स्कूल परिसर में फादर बेनेदिक्त बारला पर हमला किया गया था. अगले दिन, 21 अक्टूबर की सुबह, वह स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिले थे. उन्हें पहले खूंटी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
 
खूंटी एसपी

Khunti News: खूंटी के आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक और संत मिखाइल महागिरजाघर के  फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने तीन नाबालिग को निरूद्ध किया है. पुलिस ने उनके पास से 85,747 रुपये नकद, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किए हैं. एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है. खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर गठित एसआईटी ने यह कार्रवाई की है.

 

चोरी के इरादे से स्कूल में घुसे थे 

खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया है कि इन तीनों की उम्र 13 से 15 साल की है. तीनों पूर्व में स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई भी कर चुके हैं.  मेला घुमने के लिए वे पैसे की चोरी करने के मकसद से तीनों स्कूल परिसर में घुसे थे. चोरी करने के इसी दौरान उनका सामना फादर बेनेदिक्त बारला से हो गया. फादर के साथ उनका विवाद भी हुआ. पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए. पूछताछ में पता चला है कि एक आरोपी ने कुदाल जैसे सामान से उन पर हमला कर दिया. इसके बाद चोरी करके निकल गए.

एसपी ने बताया कि जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था. टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और जांच के आधार पर तीन नाबालिग को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार किया है.  

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85,747 रुपये नकद समेत कई सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से 85,747 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किए हैं. बरामद सामान में मफलर, जैकेट, पेचकस, टॉर्च, होम थिएटर, चप्पल और कपड़े भी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों नाबालिग की उम्र 13, 14 और 15 वर्ष है. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है. गौरतलब  है कि 20 अक्टूबर 2026 की रात स्कूल परिसर में फादर बेनेडिक्ट बारला पर जानलेवा हमला किया गया था. अगले दिन, 21 अक्टूबर की सुबह, वह स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिले थे. उन्हें पहले खूंटी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां उनका इलाज जारी है. इस घटना के बाद मसाही समुदाय के लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. शुक्रवार को खूंटी में लोगों ने एक बड़ा मौन जुलूस भी निकाला. इधर रांची में भी लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते दिखे. 

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