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वसंत पंचमी पर ज्ञान-विद्या के लिए बन रहा है शुभ ज्योतिषीय संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

विद्या, बुद्धि, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना 23 जनवरी को की जाएगी. वसंत पंचमी इस वर्ष ज्योतिषीय संयोगों के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दिन विद्यार्थी, शिक्षक, कलाकार और शोध-साधना से जुड़े लोग मां सरस्वती की आराधना करेगें.
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Ranchi: विद्या, बुद्धि, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना 23 जनवरी को की जाएगी. वसंत पंचमी इस वर्ष ज्योतिषीय संयोगों के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दिन विद्यार्थी, शिक्षक, कलाकार और शोध-साधना से जुड़े लोग मां सरस्वती की आराधना करेगें. 

वसंत पंचमी दुर्लभ शुभ योगों के कारण सामान्य दिनों की तुलना में अधिक फलदायी माना जा रहा है. पंडित नितेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष वसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाई जाएगी. यह दिन सरस्वती पूजा, विद्यारंभ और शैक्षणिक कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल रहेगा. मिथिला पंचांग के अनुसार माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी 22 जनवरी की रात्रि लगभग 1:30 बजे से आरंभ होगा. जो 23 जनवरी की रात्रि 12:22 बजे तक रहेगी. 

 

विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार 23 जनवरी को प्रातः 8:33 बजे से 11:13 बजे तक का समय विद्यारंभ, अक्षरारंभ, पुस्तक-कलम पूजन और अध्ययन प्रारंभ के लिए उत्तम रहेगा. वसंत पंचमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना का उत्सव है. इसी दिन से ऋतुराज वसंत का आगमन माना जाता है. पीला रंग ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होने के कारण इस दिन पीले वस्त्र, पुष्प और मिष्ठान का विशेष महत्व है.

 

गजकेसरी योग: ज्ञान-बुद्धि को सुदृढ़ करने वाला संयोग

वसंत पंचमी के दिन चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेंगे और चंद्रमा से चतुर्थ भाव में गुरु की स्थिति के कारण गजकेसरी योग का निर्माण होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग बौद्धिक क्षमता, स्मरण-शक्ति, विवेक और विद्या-लाभ को प्रबल करता है. गुरु-चंद्रमा का यह संयोग विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और कला-साधकों के लिए विशेष रूप से अनुकूल रहेगा. इस योग में की गई सरस्वती आराधना से अध्ययन और बौद्धिक प्रयासों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते है.

 बुधादित्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संगम

वसंत पंचमी के दिन शिक्षा, करियर, व्यापार और वाणी-कौशल के लिए शुभ माना जाता है. इसके साथ-साथ सर्वार्थ सिद्धि योग की उपस्थिति होगी. ज्योतिषीय दृष्टि से गजकेसरी, बुधादित्य और सर्वार्थ सिद्धि होगी. इन तीनों का योग एक साथ बनेगी औऱ वसंत पंचमी को अत्यंत दुर्लभ और विशेष बना रहा है.

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