Ranchi : वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन के आह्वान पर अमेरिकी साम्राज्यवाद द्वारा वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमले, अपहरण, आर्थिक प्रतिबंध और युद्धोन्मुख नीति के विरोध में रांची में प्रतिरोध मार्च निकाला गया.
इस मार्च में झारखंड के अमनपसंद और साम्राज्यवाद-विरोधी राजनीतिक दलों, मजदूर, किसान, महिला, युवा, छात्र एवं सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया.
प्रतिरोध मार्च सैनिक बाजार से शुरू होकर मेन रोड होते हुए लोक भवन पहुंचा, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया. पूरे मार्च के दौरान “अमेरिकी साम्राज्यवाद हो बर्बाद” और “वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो एवं उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करो” जैसे नारों से इलाका गूंजता रहा.
मार्च का नेतृत्व झामुमो के रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम, सीपीआई के अजय कुमार सिंह सहित वामदलों, टीएमसी और समाजवादी पार्टी के संयुक्त नेतृत्व ने किया.
लोक भवन में आयोजित सभा की अध्यक्षता मुस्ताक आलम ने की जबकि संचालन अजय कुमार सिंह ने किया. सभा को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी का अपहरण साम्राज्यवादी आक्रमण का खुला उदाहरण है, जिसका लगातार विरोध किया जाना चाहिए. राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि वे संसद में भी अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाएंगी.
वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध, धमकियां और आर्थिक नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं, जिनका सबसे अधिक असर मजदूरों, किसानों और आम जनता पर पड़ता है. उन्होंने भारत सरकार से वेनेजुएला के पक्ष में स्पष्ट और सक्रिय साम्राज्यवाद-विरोधी भूमिका निभाने की मांग की.
सभा के बाद राष्ट्रपति के नाम स्मार पत्र राज्यपाल को सौंपा गया, जिसमें भारत सरकार से अमेरिकी आक्रमण और प्रतिबंधों का कड़ा विरोध दर्ज करने, गुटनिरपेक्ष नीति को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संप्रभुता एवं आत्मनिर्णय के अधिकार के पक्ष में खड़े होने की मांग की गई. कार्यक्रम में झामुमो, सीपीआई, सीपीएम, माले, टीएमसी, सपा, आप, कांग्रेस सहित कई संगठनों के नेता और सैकड़ों लोग शामिल हुए.
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