ईआईएसीपी (पीसी-आरपी) के एसोसिएट प्रोफेसर सह को-कोऑर्डिनेटर प्रो. सुरेश पांडियन ने इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान विषय पर व्याख्यान दिया. उन्होंने ओजोन नष्ट करने वाले पदार्थों (ओडीएस) के उत्सर्जन, उनके पर्यावरणीय प्रभाव और जलवायु परिवर्तन पर उनके असर पर विस्तार से प्रकाश डाला.
ओजोन संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक छात्र दृष्टिकोण विषय पर हुई प्रतियोगिता में धनबाद और आसपास के कॉलेजों के लगभग 35 छात्रों ने भाग लिया. छात्रों ने अपने प्रेजेंटेशन में शोध आधारित नवाचारपूर्ण विचार रखे. जिनमें ओजोन विज्ञान, ओडीएस उत्सर्जन में कमी, तकनीकी नवाचार, मिशन लाइफ के तहत जीवनशैली में बदलाव और जलवायु लचीलापन जैसे अहम मुद्दे शामिल थे. कार्यक्रम में करीब 130 प्रतिभागी शामिल हुए जिससे यह एक जीवंत और इंटरैक्टिव मंच बन गया.
प्रतियोगिता में छात्रों की शैक्षणिक गहराई और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी उजागर हुई. कार्यक्रम का समापन ईआईएसीपी (पीसी-आरपी) की सूचना अधिकारी डॉ. अवंतिका चंद्रा द्वारा मिशन लाइफ प्रतिज्ञा दिलवाने के साथ हुआ. सभी प्रतिभागियों ने टिकाऊ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया. धन्यवाद ज्ञापन इनसर्च एनजीओ के सचिव अशोक कुमार कंठ ने किया.
यह आयोजन आईआईटी-आईएसएम के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार, तथा प्रो. आलोक सिन्हा, प्रो. मनीष कुमार जैन, प्रो. विश्वजीत पॉल व प्रो. सुरेश पांडियन के मार्गदर्शन में हुआ. कार्यक्रम का समन्वयन ईआईएसीपी के प्रोग्राम ऑफिसर विश्वजीत दास ने किया.
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