Ranchi: रांची के सिविल सर्जन कार्यालय में शनिवार को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान मलेरिया के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज को लेकर लोगों को जागरूक किया गया.
कार्यक्रम के तहत प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ शाहिद करीम साबरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और एएनएम स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया. प्रभात फेरी के जरिए आम लोगों को मलेरिया के प्रति सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने का संदेश दिया गया.
इसके बाद एएनएम स्कूल परिसर में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें मलेरिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई. स्वास्थ्य कर्मियों और छात्राओं ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया.
कार्यक्रम में बताया गया कि मलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, लेकिन इसे रोका जा सकता है. बचाव के लिए साफ-सफाई रखना, जल जमाव नहीं होने देना, मच्छरदानी का उपयोग करना और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना जरूरी है.
इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस 2026 का थीम है मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध अब हम कर सकते हैं अब हमें करना ही होगा. राज्य के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस अवसर पर प्रभात फेरी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए.
जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि बुखार, ठंड लगना और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और इलाज शुरू करें.
रांची जिला के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 तक 34,673 ब्लड स्लाइड संग्रह किए गए. इसमें 8 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनमें 4 प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम और 4 प्लास्मोडियम विवैक्स के मामले शामिल हैं. इस अवधि में मलेरिया से किसी की मृत्यु नहीं हुई है.
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