Ayodhya : राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में जुटी एसआईटी की सिफारिशों को मानते हुए छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जायेगी. सिफारिश के तहत ट्रस्ट सीईओ की नियुक्ति भी करने को तैयार है. बता दें कि एसआईटी ने अरनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है.
टीम की सिफारिशों के आधार पर मंदिर प्रबंधन से जुड़े छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में चढ़ावा कलेक्शन, गिनती और प्रबंधन की प्रक्रिया में भारी खामियों को उजागर किया है.
एसआईटी ने मंदिर से जुड़े लगभग 150 सेवकों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किये हैं. जांच में सामने आया है कि जनवरी 2024 में राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद कई सेवकों की आर्थिक स्थिति में भारी उछाल आया है.
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी एसआईटी को सबूत सौंप कर ट्रस्ट द्वारा की गयी जमीनों की खरीद में गड़बड़ी के आरोप लगाये हैं. विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का बचाव करने की किसी को जरूरतनहीं है. यह गंभीर चूक है.
आलोक कुमार ने कहा कि कुछ लोगों को छूट मिल गयी, जिसके कारण वे चोरी की घटना को लंबे समय तक अंजाम दे पाये. उन्होंने भी कहा कि पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी चाहिए.
बिना किसी दबाव या पक्षपात के पुलिस को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए. बिना किसी दबाव या पक्षपात के पुलिस को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए. मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाना चाहिए.
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