Ranchi News: SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मीडिया के सामने मतदाताओं के अधिकार छिनने की बात करते हैं, लेकिन लोगों को नाम जुड़वाने और अपील की प्रक्रिया की जानकारी भी देनी चाहिए.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि BLA-1 प्रपत्र के जरिए राजनीतिक पार्टी अपने प्रतिनिधि को अधिकृत करती है, जबकि BLA-2 के जरिए बूथ एजेंट की नियुक्ति होती है. ये बूथ एजेंट BLO के साथ समन्वय कर छूटे हुए पात्र मतदाताओं की मदद कर सकते हैं.
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उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए Form-6 की व्यवस्था है. किसी दावे पर प्रतिकूल फैसला आने की स्थिति में अपील का भी प्रावधान है. सत्यापन के बाद निर्णय ERO यानी Electoral Registration Officer लेते हैं.
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस से पूछा कि उसके बूथ एजेंटों ने कितने पात्र मतदाताओं के दावे दाखिल कराने में मदद की है और कितनी अपीलों में लोगों का साथ दिया है. उन्होंने कहा कि अगर कहीं वास्तविक गड़बड़ी हुई है, तो कांग्रेस को उसके प्रमाण सामने रखने चाहिए और उसे सुधारने के लिए प्रयास करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जनता के सामने केवल SIR को लेकर आशंका जताने के बजाय कांग्रेस को अपने जमीनी काम का भी हिसाब देना चाहिए. बाबूलाल ने कहा कि कांग्रेस एक पुरानी राजनीतिक पार्टी है और उसे चुनाव प्रक्रिया की जानकारी है.
बाबूलाल मरांडी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के पास BLA-1 और BLA-2 के तहत काम करने वाले प्रतिनिधि और बूथ स्तर पर जनता की मदद करने वाले कार्यकर्ता मौजूद हैं. उन्होंने कांग्रेस से SIR की प्रक्रिया के दौरान अपने बूथ स्तर के काम की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा.
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