Ranchi News: तेतुलिया जमीन घोटाले में समीर महतो के नाम पर बना गिफ्ट डीड फर्जी था. इसे पांच साल पीछे की तिथि पर बनाया गया था. इस जालसाजी में Notary Public भी शामिल था. इजहार का एक भाई होम गार्ड जवान है. उसने भी एक कंपनी बना रखी है. इसमें उसकी मां और पत्नी शामिल है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा तेतुलिया जमीन घोटाले की जांच के दौरान इस बात की जानकारी मिली है.
जांच में पाया गया कि तेतुलिया जमीन पर अपना दावा पेश करने के लिए इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन द्वारा दो दस्तावेज का सहारा लिया गया था. इसमें एक दस्तावेज इजहार वगैरह के दादा समीर महतो के नाम पुरुलिया से नीलामी (191/1933) में 103 एकड़ जमीन खरीदने से संबंधित दस्तावेज था. दूसरा दस्तावेज समीर महतो के नाम से बना गिफ्ट डीड (हिब्बानामा) था, जिसमें यह लिखा गया था कि समीर महतो ने अपनी सारी जमीन इजहार हुसैन वगैरह को दे दी.
जांच में पाया गया है कि गिफ्ट डीड भी फर्जी तरीके से बनाया गया. जांच के दौरान इस बात की जानकारी मिली की इजहार हुसैन व अन्य के द्वारा अलग-अलग लोगों के नाम से स्टांप पेपर खरीद कर रखा जाता था. समीर महतो के नाम पर भी 2004 में स्टांप पेपर खरीद कर रखा गया था. इसी स्टांप पेपर पर 2009 में गिफ्ट डीड बनाया गया. जालसाजी कर पिछली तिथि पर गिफ्ट डीड बनाने में Notary Public भी शामिल था.
पिछली तिथि पर खरीद गये स्टांप पेपर पर दो गिफ्ट डीड बनाया गया था. एक गिफ्ट डीड का सिरियल नंबर 22 था. इसे 24 नवंबर 2004 की तिथि पर बनाया गया था, दूसरे गिफ्ट डीड का सिरियल नंबर 22-A था. गिफ्ट डीड नंबर 22 पर इजहार हुसैन के रिश्तेदार शमसुल हक और सतीश चंद्र गुप्ता ने गवाह के तौर पर हस्ताक्षार किया था. 2009 में 2004 की तिथि पर बनाये गये इस गिफ्ट पर Notary Public ने हस्ताक्षर किया और मुहर लगाया.
दूसरा गिफ्ट डीड भी 25 नवंबर 2004 की तिथि पर बनाया गया था. इस दूसरे डीड पर इजहार ने दस्तखत नहीं किया था. दोनों डीड में जमीन का क्षेत्रफल अलग-अलग था. एक गिफ्ट डीड में 23 प्लॉटों और दूसरे में 22 प्लॉट के उल्लेख था. एक डीड हिंदी में था और दूसरा अंग्रेजी में था. समीर महतो पढ़ा-लिखा है, वह दस्तखत कर सकता है. लेकिन गिफ्ट डीड पर अंगूठे का निशाल लगाया गया था.
जांच में पाया गया कि इजहार हुसैन के भाई रहमत हुसैन होम गार्ड का जवान है. वह 2018 से होम गार्ड में है. लेकिन उसने भी एक कंपनी बना रखी है. इस कंपनी का नाम M/s BMR Enterprises है. इसमें उसकी मां और पत्नी पार्टनर है. यह कंपनी कोई काम नहीं करती है. लेकिन इन लोगों के बैंक खाते में 35 लाख रुपये से अधिक जमा है.
वहीं रहमत के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया में एक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में एक अकाउंट है. उसकी पत्नी के नाम पर स्टेट बैंक में एक अकाउंट और बैंक ऑफ बड़ोदा में एक अकाउंट है. इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में M/s BMR Enterprises के नाम पर एक अकाउंट है.
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