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दुमका के खस्ताहाल स्कूलों को लेकर बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर हेमंत सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
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Ranchi : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर हेमंत सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि जब हर वर्ष करोड़ों रुपये अधिकारियों, विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री आवास के रखरखाव पर खर्च किए जा सकते हैं, तो फिर सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों की अनदेखी क्यों की जा रही है.

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मरांडी ने विशेष रूप से दुमका जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां दो दर्जन से अधिक सरकारी स्कूल भवनों को जर्जर घोषित किया जा चुका है. इसके बावजूद उन्हीं भवनों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.

 

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि DMFT फंड का उपयोग अधिकारियों के आवासों को संवारने और जिम जैसी सुविधाएं विकसित करने में किया जा रहा है, जबकि स्कूलों की मूलभूत जरूरतें अधूरी पड़ी हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन को स्कूली बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की चिंता नहीं है.

 

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार के पास शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, तो गैरजरूरी विज्ञापनों, बैनर और होर्डिंग्स पर होने वाली फिजूलखर्ची पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए. उन्होंने मांग की कि जर्जर स्कूल भवनों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए और तब तक छात्रों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

 

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से परे बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा से जुड़ा है, जिस पर सरकार को तत्काल और गंभीर निर्णय लेने की आवश्यकता है.

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