Chatra: चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में चार अगस्त को आदिवासी किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोप और उसके बाद आरोपी युवक इमरोज की ग्रामीणों द्वारा पिटाई के बाद इलाज के दौरान हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है.
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रविवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी बड़गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उनके साथ चतरा सांसद कालीचरण सिंह, सिमरिया विधायक उज्ज्वल दास, पूर्व सिमरिया विधायक सह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास समेत भाजपा के कई नेता मौजूद रहे.

पीड़ित परिवार से मुलाकात करते बाबूलाल
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद बाबूलाल मरांडी ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि नाबालिग बच्ची के अपहरण की सूचना उसके परिजनों ने स्थानीय पुलिस को समय रहते दी थी, लेकिन इसके बावजूद समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि पुलिस यदि समय रहते कार्रवाई करती तो बड़गांव घटनाक्रम सामने नहीं आता.
बाबूलाल ने आरोप लगाया कि आरोपी इमरोज के माता-पिता एवं अन्य परिजनों के खिलाफ पॉक्सो जैसे गंभीर कानून के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद तत्काल गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता के माता-पिता को ही पुलिस ने उल्टा जेल भेज दिया.
नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद 56 नामजद और 150 से अधिक अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि यदि निर्दोष ग्रामीणों को इस मामले में परेशान किया जा रहा है तो यह भी गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम सभी समाज के लोग आपस में बैठकर प्रशासन के सहयोग से ऐसे अपराधियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करें. इससे अपराधी भी कानून से डरेंगे और समाज में सद्भाव भी बना रहेगा.
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