Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में डीजीपी का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार ने नियम कानून को ताक पर रख कर डीजीपी बनाया है.
मरांडी ने कहा कि पुलिस महकमा महत्वपूर्ण विभाग है. पहले अनुराग गुप्ता डीजीपी थे. उन्हें किस तरह डीजीपी बनाया गया. उनको हटाने के बाद तदाशा मिश्रा को भी गलत तरीके से पदभार सौंपा गया. जबकि वह पैनल में नहीं थीं. जरा सोचिए. यह काम सर्विस रूल के विपरित है.
इस पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है. इस पर चर्चा ना करें तो बेहतर होगा.
एसीबी प्रमुख पर बात करते हुए मरांडी ने कहा कि शराब घोटाले को लेकर हम 2022 से पत्र लिख रहे थे. पता चला कि जिनके कारनामों पर पत्र लिख रहे थे, उसे एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया.
शराब घोटाले में 28 लोगों के नाम हैं. मामले में गिरफ्तारी हुई. लेकिन 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं करने पर उन्हें डिफॉल्ट बेल मिल गई. बाबूलाल ने सवाल किया कि आखिर एसीबी काम कैसे कर रही है. कहा कि ऐसे चल रही है राज्य की पुलिस व्यवस्था.
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