Ranchi : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में नॉन टीचिंग स्टाफ्स का अनिश्चितकालिन धरना चौथे दिन भी जारी है. गुरुवार को कर्मियों ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी प्रशासनिक भवन के सामने कुलपति डीके सिंह की तस्वीर पर चुनरी ओढ़ाकर उसे ‘भगवान’ के रूप में स्थापित कर दिया है और उसी के समक्ष अपनी मांगों को लेकर प्रतीकात्मक प्रार्थना कर रहे हैं.
नॉन टीचिंग स्टाफ्स की अनिश्चितकालिन हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय का नियमित कामकाज प्रभावित हो रहा है और कई विभागों में ‘पेन डाउन’ की स्थिति बन गई है.
चार दिन बीत गए, पर बात करने नहीं आए वीसी
कर्मियों का आरोप है कि चार दिनों से आंदोलन होने के बावजूद कुलपति डीके सिंह ने उनसे संवाद नहीं किया है. उनका कहना है कि रजिस्ट्रार भी इस मामले में असमर्थता जताते हुए निर्णय को कुलपति के आने तक टाल रहे हैं.
कुलपति के पास तीन विश्वविद्यालयों का अतिरिक्त प्रभार है. लेकिन इतने बड़े आंदोलन के बावजूद उनका परिसर में न आना गंभीर विषय है. सीनेट सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद से कुलपति ने मिलने का समय नहीं दिया है.
संतोष कुमार ने कहा कि अब प्रभु बनाकर ही याचना करनी पड़ेगी, ताकि वे आकर हमें दर्शन दें
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
MACP का भुगतान बहाल करें : जुलाई 2020 से सीनेट, सिंडिकेट और वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत एमएसीपी (MACP) का भुगतान अचानक रोक दिया गया है. कर्मचारी इसे तत्काल बहाल करने की मांग कर रहे हैं.
कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल की स्पष्ट नीति : कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में 11 महीने पर कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल किया जाता था. लेकिन अब बिना स्पष्ट नीति के इसे 31 मार्च 2026 तक सीमित कर दिया गया है, जो नियमों के विपरीत है.
जब तक ठोस कार्रवाई नहीं, आंदोलन जारी रहेगा
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका ‘पेन डाउन’ और धरना जारी रहेगा. कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन में ही अपना डेरा जमा लिया है. कर्मी यही पर खाना बना रहे हैं और सो रहे हैं.
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