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झारखंड विस बजट सत्रः बाबूलाल मरांडी ने गिनायी सरकार की विफलताएं

Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से मांग किया कि एप्सटीन फाइल्स पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री का नाम आया. उसे हटा दिया जाये.अभिभाषण पर संशोधन ना देने पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाषण दस्तावेज होता है.
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Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से मांग किया कि एप्सटीन फाइल्स पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री का नाम आया. उसे हटा दिया जाये.


अभिभाषण पर संशोधन ना देने पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाषण दस्तावेज होता है. सरकार लिख देती है. राज्यपाल उसे पढ़कर सुना देते हैं. लेकिन वो बहुत लाचार व बेबस दिख रहे थे. भाषण में ही बेबसी है. फिर उसपर हम क्या संशोधन दें. जब खुद ही लाचार हैं, तो हम क्या संशोधन दें. इस पर प्रदीप यादव ने व्यवस्था दी कि आपने संशोधन नहीं दिया. यह आपकी दिक्कत है.


हमने तब मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर सवाल उठाया, जब वो 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय दिवस पर देश से बाहर थे. हम सबने जयपाल सिंह मुंडा, दिशोम गुरु की चर्चा की. उनकी मूर्तियां लगाने की मांग की. झारखंड में देखें तो हमारे राज्य में बहुत सारे महापुरुष हैं. बिरसा मुंडा, जयपाल सिंह मुंडा सबने झारखंड की मिट्टी की लड़ाई लड़ी है. 


हम एक लाइब्रेरी बनाने की मांग करते हैं, जहां हमें पता चलेगा कि उन्होंने क्यों लड़ाई लड़ी. सबने जल जंगल जमीन के लिए लड़ाई लड़ी. देश आजाद हुआ, पर यहां के लोगों को न्याय नहीं मिला, तो हमने अलग राज्य के लिए लड़ा. आज भी हम जल जंगल जमीन के लिए लड़ रहे हैं.


जसीडीह में उद्योग के नाम पर लोगों को उजाड़ा जा रहा है. लाठियां चल रही हैं. बुलडोजर चल रहे हैं. हमने जाकर देखा. हमने डीसी से बात की, बताया 1975 में जमीन एक्वायर किया गया था. हम 75 की बात क्यों करें. आप उद्योग लगाइये, बंजर भूमि पर. आदिवासी जमीन पर नहीं. जनता ने सरकार को अवसर दिया है. नई लकीर खींचिए. आदिवासियों को खेती की जमीन से बेदखल नहीं करें. पहले उन्हें बसाईये, फिर उद्योग लगाइये.
सरकार ने भूमि अर्जन पुनर्स्थापन समिति बना दी. लेकिन वह काम नहीं कर रहा. जल जंगल की बात करते हैं और उसे ही उजाड़ रहे हैं. आपको लोगों के दर्द को समझना पड़ेगा. आखिर जसीडीह के गांव के लोगों ने क्या कसूर किया है. 74 में जमीन लिया और आज उजाड़ रहे हो. मोदी जी को जितना कोसना है कोसिये, लेकिन उन किसानों के लिए काम करिये. महिलाएं रो रही हैं, उनके दर्द को समझिये.


वैसे ही दुमका के अमरापाड़ा में कोल ब्लॉक के नाम पर जमीन ले लिया जा रहा है. लोग आंदोलन कर रहे हैं. हम कोयला निकालने का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन जितना जमीन लीजिये, उतना जमीन दे दीजिये. अबुआ आवास नहीं. हम विरोध नहीं करेंगे. संथाल परगना का समाज कोई व्यवसाय नहीं करता. जमीन ही उनकी पूंजी हैं. जीविकोपार्जन का साधन है. 


बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि गिरिडीह के तीसरी ब्लॉक के गांव में सालों पहले उन्हें जमीन मिला. वो 50-60 साल से खेती कर रहे हैं. आज वन विभाग उजाड़ रहा है. एक विधानसभा की कमेटी बना दीजिये. कमेटी जायेगी और स्थिति देखेगी. इन समस्याओं को सरकार देखे.
रिम्स-दो क्या है. जमीन पचास साल पहले एक्वायर हुआ. आज वहां खेती हो रहा है. आप बंजर जमीन पर खेती करिये. मांडर में बंजर जमीन है. वहां बनाएये. खेती वाले जमीन लेकर आदिवासियों को क्यों उजाड़ रहे हैं. शहर से दूर ही बनाइये, पर किसानों के जमीन पर मत बनाइये. 

 

इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को टोकते हुए कहा कि नामकुम में आदिवासी की जमीन पर आरएसएस कार्यालय बनाया. जामताड़ा में जमीन कब्जा करके भाजपा का कार्यालय बनाया. आज हम अस्पताल बना रहे हैं तो विरोध कर रहे हैं.


बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम अस्पताल का विरोध नहीं कर रहे हैं. बंजर जमीन पर बनाईये.


प्रदीप यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष 2013 का भूमि अधिग्रहण कानून मजबूत था. 2015 में मोदी जी ने इसे कमजोर किया. इस कानून को कमजोर करने वाला. अडानी को मजबूत करने वाला. कानून कमजोर करने वाली भाजपा है. तब आवाज क्यों नहीं उठाया. 


बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि मुझे कुछ नहीं पता. यहां आपकी सरकार है. जमीन स्टेट का सबजेक्ट है. लागू आपको करना है. 
झारखंड सरकार के काम की बात करूंगा. पुलिस महकमा महत्वपूर्ण विभाग है. अनुराग गुप्ता डीजीपी थे. किस तरह बनाया गया. उनको हटाने पर तदाशा मिश्र को डीजीपी बनाया गया. यह भी गलत तरीके से. वह पैनल में नहीं थे. जरा सोचिए. सर्विस रूल के विपरित है यह काम. 
सीएम हेमंत सोरेन ने इस पर कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है. इस पर चर्चा ना करें तो बेहतर होगा. 

 

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार ने नियम कानून को ताक पर रख करके डीजीपी बनाया है. 


एसीबी प्रमुख बात करते हुए बाबूलाल ने कहा कि शराब घोटाले को लेकर हम 2022 से पत्र लिख रहा था. पता चला कि जिनके कारनामों पर पत्र लिख रहा था, उसे एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया. शराब घोटाले में 28 लोगों के नाम हैं. गिरफ्तारी हुई. डिफॉल्ट बेल हुआ. 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं किया गया. कैसे काम कर रही है एसीबी. ऐसे चल रही है राज्य की पुलिस व्यवस्था.

 

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कई प्रावधान किये हैं. उनका झारखंड में क्या हाल है. सूचना आयुक्त का पद 4-5 सालों से खाली है. संवैधानिक संस्थान है. कांग्रेस ने ही कानून बनाया था. लोगों को सूचनाएं मिलने के लिए. लेकिन यह काम नहीं हो रहा है. फिर भी लोग कह रहे हैं सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है.

 

विद्यालयों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले बार की बजट और इस बार के बजट को देखने से निराशा हुई. पिछले बजट में 18 खनिज ब्लॉक को नीलाम करेगी, एक भी नहीं हुआ. इस बार भी यही घोषणा है. पिछले साल अभिभाषण ने खनिजों की अवैध ढ़ुलाई पर नियंत्रण के लिए वेह्किल ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की बात की थी. आज भी नहीं लगा. सड़कों की स्थिति देखिये, हम लोगों ने लिस्ट भेजा, इस पर काम नहीं हुआ. 

 

धान खरीद के लक्ष्य को पूरा नहीं करने की बात करते हुए कहा कि किसान बताते हैं कि उनका धान खरीद ही नहीं हुआ. डीसी से पूछा तो बताया कि गोदाम भरा हुआ है. मार्च से खरीदेंगे. दो-तीन साल से यही हाल है. बिचौलियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. 

 

इसपर मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि इस साल सरकार बड़े पैमाने पर धान खरीद रही है. 22-23, 24-25 में सुखार था. इसलिए नहीं खरीद सका. इसपर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मार्च में आप लोग बिचौलियों से धान खरीदेंगे. क्योंकि किसान को तो अभी बेचना है.

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