- कोयला-बालू की खुली लूट व डिफॉल्ट बेल का खेल
- लूट की छूट के लिए नहीं मिलेगा केंद्र का साथ
Ranchi : रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब गृह, ऊर्जा और खनन जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर चर्चा हो रही है, जो मुख्यमंत्री के पास हैं, तब उन्हें सदन में मौजूद रहकर सदस्यों की बात सुननी चाहिए.
बाबूलाल ने बालू, पत्थर, कोयला और आयरन चोरी का मुद्दा भी सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है. आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिस कोयला चोरी रोकने में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रही है.
समय पर चार्जशीट ना करने पर अधिकारियों को मिल रही डिफॉल्ट बेल
उत्पाद विभाग को लेकर मरांडी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में अव्यवस्था के कारण दौड़ के दौरान 15 युवाओं की मौत हो गई, लेकिन अब तक उनके परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार मामलों में एसीबी समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पा रही है, जिसके कारण कई अधिकारियों को डिफॉल्ट बेल मिल रही है.
फर्जी खातों के जरिए पैसे की निकाली का मुद्दा उठाया
जल जीवन मिशन को लेकर मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार की इस योजना को राज्य में सही तरीके से लागू नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक एक चौथाई गांवों तक भी नल से पानी नहीं पहुंच पाया है.
उन्होंने विभाग में 3 करोड़ रुपये के घोटाले का भी जिक्र किया और कहा कि फर्जी खातों के जरिए पैसे की निकासी की गई. उन्होंने सरकार से इस योजना को ईमानदारी से लागू करने की मांग की.
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डैम होने के बावजूद लोगों को नहीं मिल रहा पीने का पानी
डैमों के पानी के उपयोग पर उन्होंने कहा कि राज्य में मसानजोड़, मैथन और तिलैया जैसे बड़े डैम होने के बावजूद लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में इन डैमों से शहरों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं शुरू की गई थीं, लेकिन वर्तमान सरकार उनका सही उपयोग नहीं कर पा रही है.
हत्या मामले में झारखंड दूसरे स्थान पर
कानून व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में हत्या की दर 3.7 है और यह देश में दूसरे स्थान पर है. उन्होंने धनबाद और रांची में गैंगस्टरों द्वारा रंगदारी और धमकी की घटनाओं पर भी चिंता जताई और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
ऊर्जा विभाग पर उन्होंने कहा कि विभाग के खातों से 160 करोड़ रुपये की एफडी गायब होने का मामला सामने आया है, लेकिन इस पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े घोटालों पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि छोटे उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी के मामले दर्ज किए जा रहे हैं.
बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार ईमानदारी से योजनाओं को लागू करेगी और केंद्र को सही जानकारी देगी तो राज्य को और मदद मिल सकती है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए पारदर्शिता जरूरी है.
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