Himangshu Karan
Bahragoda : शिक्षा के अधिकार और बेहतर बुनियादी ढांचे के दावों के बीच बहरागोड़ा प्रखंड का भुतिया मध्य विद्यालय बदहाली के आंसू रो रहा है. विद्यालय में कमरों के अभाव और जर्जर भवन के कारण कक्षा 1 से 8 तक के 110 छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा है.
एक छत के नीचे नीचे चलताी है बहुवर्गीय कक्षाएं
विद्यालय में वर्तमान में कुल 110 छात्र नामांकित हैं, लेकिन उनके लिए केवल 4 कमरे ही सुरक्षित बचे हैं. शेष तीन कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. प्रधानाध्यापक चित्य रंजन बास्के ने बताया कि जगह की कमी के कारण कंबाइंड क्लास (संयुक्त कक्षाएं) संचालित करनी पड़ रही हैं.
इससे न तो शिक्षक सही से पढ़ा पा रहे हैं और न ही छात्र एकाग्र हो पा रहे हैं. वहीं, भवन की स्थिति इतनी दयनीय है कि मानसून के दौरान छत से पानी टपकता है, जिससे बच्चों को बैठाना नामुमकिन हो जाता है.
यही हाल स्कूल के रसोई घर का भी है. सुरक्षा को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे स्थान पर मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) बनवाना शुरू किया है.
शिक्षकों का अभाव
बुनियादी ढांचे के साथ-साथ स्कूल शिक्षकों की कमी से भी जूझ रहा है. नियमानुसार यहां कम से कम 5 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 4 सरकारी शिक्षक और 1 सहायक अध्यापक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है.
वहीं, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक चित्य रंजन बास्के का कहना है कि विभाग से नए भवन और अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की है. पिछले साल एक भवन स्वीकृत हुआ था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह रद्द हो गया. फिलहाल बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए नया भवन बेहद जरूरी है.
साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कराया जाए ताकि इन बच्चों को एक सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment