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बहरागोड़ा: मांगड़ोसोल गांव में हाथियों का उत्पात, रातभर मशाल लेकर डटे रहे वनकर्मी

बहरागोड़ा प्रखंड की भूतिया पंचायत अंतर्गत मांगड़ोसोल गांव में जंगली हाथियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार की देर रात दो जंगली हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया और करीब दो एकड़ में लगी धान की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया.
 

Baharagora (Himangshu karan): बहरागोड़ा प्रखंड की भूतिया पंचायत अंतर्गत मांगड़ोसोल गांव में जंगली हाथियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार की देर रात दो जंगली हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया और करीब दो एकड़ में लगी धान की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया. वहीं हाथियों को खदेड़ने के लिए वन विभाग की टीम और ग्रामीण रातभर मुस्तैद रहे. 

 

14 वनकर्मियों और 20 क्यूआरटी (QRT) सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मोर्चा संभाला. जंगल के बीच बसे इस गांव में रात का नजारा किसी युद्ध स्तर के अभियान जैसा था, जहां चारों तरफ मशालों की रोशनी और पटाखों की गूंज सुनाई दे रही थी. 

 

वनकर्मी जान जोखिम में डालकर हाथियों के करीब पहुंचकर उन्हें मशालों से डराते नजर आए. मांगड़ोसोल गांव मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. स्थानीय किसानों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से हाथियों की समस्या झेल रहे हैं.


 
जंगल के बीच गांव होने के कारण हाथियों को यहां छिपने और खाने की उत्तम सुविधा मिल जाती है, जिससे वे बार-बार लौट आते हैं.साथ ही हर साल सब्जी और धान की मेहनत से उगाई गई फसल हाथियों के पैरों तले रौंद दी जाती है. 

 

सुरक्षा के लिए की जा रही है मुनादी


ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया है. ग्रुप सदस्यों द्वारा गांव में अनाउंसमेंट (मुनादी) कर हाथियों के मूवमेंट की जानकारी दी जा रही है, ताकि लोग सचेत रहें और उस रास्ते पर आवाजाही न करें.

 

 

 

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