- आज तीसरी बार गुहार लगाने को मजबूर हुए ग्रामीण
Himangshu karan
Baharagora : प्रखंड की बरागाड़िया पंचायत में सरकारी तंत्र की अनदेखी और विभागीय सुस्ती का एक ज्वलंत उदाहरण निर्माणाधीन स्वास्थ्य उपकेंद्र के रूप में देखने को मिल रहा है, जहां भवन निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने एक बार फिर उपायुक्त के द्वार पर दस्तक दी है.
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि जिस स्वास्थ्य केंद्र को क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए वर्ष 2022 में धरातल पर उतारा गया था, वह आज ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण सफेद हाथी साबित हो रहा है, क्योंकि भवन का आधा-अधूरा ढांचा तैयार होने के बाद से ही काम बंद है और निर्माणाधीन परिसर अब झाड़ियों और मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है.
स्थानीय ग्रामीणों के लिए विडंबना यह है कि अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा का हक पाने के लिए उन्हें पिछले वर्षों में दो बार पहले भी ज्ञापन सौंपना पड़ा, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा आज तक कोई पहल नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप प्रसव पीड़ा झेलती महिलाओं और आपातकालीन मरीजों को आज भी बदहाल रास्तों से होकर मीलों दूर अस्पताल जाना पड़ता है.
न्याय की उम्मीद में तीसरी बार ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इस बार उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अंत होगा या आश्वासन का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा.
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