Himangshu karan
Behragoda : बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपाड़ा नागुडसाईं स्थित स्वर्णरेखा नदी के किनारे पिछले कई दिनों से कौतूहल और डर का विषय बना शक्तिशाली बम आखिरकार मंगलवार को सेना के नियंत्रण में आ गया. लगभग 227 किलोग्राम वजनी इस विशालकाय बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (Diffusal) करने के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम ने मोर्चा संभाल लिया है.
सेना के अधिकारियों ने किया स्थल निरीक्षण
भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय टीम घटना स्थल पर पहुंची है और बम की स्थिति और आसपास के भूगोल का बारीकी से जायजा लिया है. बम की विशालता और उसकी मारक क्षमता को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बालू के बंकर और घेराबंदी
बम को निष्क्रिय करने के दौरान होने वाले नुकसान को शून्य करने के लिए सेना वैज्ञानिक पद्धति अपना रही है. वहीं बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की ऊंची दीवार खड़ी की जा रही है.
बालू के अंदर एक विशेष गड्ढा भी तैयार किया गया है, ताकि विस्फोट का दबाव जमीन के अंदर ही अवशोषित हो सके. साथ ही पूरे साइट की सटीक मापी कर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है.
कलईकुंडा एयरबेस और 1 KM का दायरा रहेगा सील
ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और सेना ने कड़े कदम उठाए हैं. बम डिफ्यूज करने के दौरान घटनास्थल से एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा. इस दौरान कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों के परिचालन पर भी रोक रहेगी, ताकि आसमान और जमीन दोनों सुरक्षित रहें.
कई दिनों से था दहशत का माहौल
नदी किनारे इतना बड़ा बम मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में पिछले एक हफ्ते से अधिक समय से भय का माहौल था. सेना की सक्रियता और विशेषज्ञों की मौजूदगी के बाद अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी, जिसके लिए सभी तकनीकी और सामरिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
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