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बहरागोड़ा की सर्विस रोड बनी 'मौत का कॉरिडोर', मुआवजा लेकर भी भू-स्वामियों का NHAI की जमीन पर कब्जा

बहरागोड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-18 और NH-49 की सर्विस रोड शैक्षणिक संस्थानों के लिए 'मौत का कॉरिडोर' बन गई है. एक तरफ जहां भू-स्वामियों ने लाखों का मुआवजा लेने के बावजूद NHAI की अधिग्रहित जमीन पर अवैध व्यावसायिक कब्जा जमा रखा है, वहीं दूसरी तरफ NHAI की कथित 'गलत रोड डिजाइनिंग' ने इस संकरी सड़क को भारी वाहनों का मुख्य मार्ग बना दिया है.
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  • NHAI की खराब रोड डिजाइन बना छात्रों और यात्रियों के लिए खतरा
  • बहरागोड़ा महाविद्यालय और प्लस टू स्कूल के छात्रों में दहशत

Himangshu karan

Behragoda :  बहरागोड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-18 और NH-49 की सर्विस रोड शैक्षणिक संस्थानों के लिए 'मौत का कॉरिडोर' बन गई है. एक तरफ जहां भू-स्वामियों ने लाखों का मुआवजा लेने के बावजूद NHAI की अधिग्रहित जमीन पर अवैध व्यावसायिक कब्जा जमा रखा है, वहीं दूसरी तरफ NHAI की कथित 'गलत रोड डिजाइनिंग' ने इस संकरी सड़क को भारी वाहनों का मुख्य मार्ग बना दिया है. इस दोहरी लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा बहरागोड़ा महाविद्यालय और प्लस टू उच्च विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी के साथ-साथ आवागमन करने वाले यात्री भुगत रहे हैं, जो हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर आना-जाना कर रहे हैं. 

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मुआवजा लिया, पर जमीन नहीं छोड़ी 

सूत्रों के मुताबिक, विगत कई महीने पूर्व ही भू-राजस्व विभाग ने सड़क चौड़ीकरण के लिए चिन्हित जमीनों का भुगतान कर दिया था. सरकारी मुआवजा लेने के बावजूद कई भू-स्वामियों ने NHAI की जमीन खाली नहीं की. बल्कि ये कब्जाधारी अपने पुराने भवनों में धड़ल्ले से व्यवसायिक प्रतिष्ठान चला रहे हैं, जिससे सर्विस रोड पर अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या विकराल हो गई है.
 

डिजाइन की खामी के कारण भुगत रहे स्थानीय लोग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि NHAI ने सर्विस रोड की ऐसी डिजाइन तैयार की है कि जमशेदपुर से ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले सभी भारी मालवाहक ट्रकों को मुख्य राजमार्ग के बजाय इसी सर्वेस रोड से होकर गुजरना पड़ रहा है. जबकि सड़क के किनारे प्लस टू स्कूल और महाविद्यालय जैसे बड़े शिक्षण संस्थान रोड निर्माण से पूर्व ही बने हुए हैं.

 

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