Himangshu karan
Bahragoda : अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर बहरागोड़ा की धरती इंकलाबी नारों से गूंज उठी, जहां भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और झारखंड राज्य किसान सभा ने एक विशाल रैली के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया.
नेताजी शिशु पार्क से मुख्य चौक तक निकले इस जनसैलाब ने स्पष्ट संदेश दिया कि 1886 के शिकागो शहीदों के बलिदान से हासिल '8 घंटे काम' के अधिकार को 12 घंटे में बदलने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध होगा.
मुख्य वक्ता सुफल महतो ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मोदी सरकार 4 लेबर कोड और किसान विरोधी बीज-बिजली विधेयकों के जरिए देश की संपत्ति अडाणी-अंबानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों को परोस रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
वरिष्ठ नेता कनहाई मुंडा द्वारा ध्वजारोहण के पश्चात सभा को संबोधित करते हुए स्वपन महतो और अन्य वक्ताओं ने मनरेगा की अनदेखी और निजीकरण को मजदूर-किसानों के लिए 'मौत की घंटी' बताया और शपथ ली कि जब तक जनविरोधी कानून वापस नहीं होते, आंदोलन थमेगा नहीं.
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