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जगन्नाथपुर मंदिर मार्ग पर नवविवाहितों की श्रद्धा, आस्था का प्रतीक बनीं बांस की डालियां

धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर मार्ग पर आज सुबह से एक अद्भुत और श्रद्धामयी दृश्य देखने को मिला. सड़क किनारे जगह-जगह बांस की डालियां सजाकर रखी गई थीं, जिनके समीप नवविवाहित जोड़े खड़े होकर विधिपूर्वक पूजा कर रहे थे.
 

Ranchi : धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर मार्ग पर आज सुबह से एक अद्भुत और श्रद्धामयी दृश्य देखने को मिला. सड़क किनारे जगह-जगह बांस की डालियां सजाकर रखी गई थीं, जिनके समीप नवविवाहित जोड़े खड़े होकर विधिपूर्वक पूजा कर रहे थे. विवाह का मोर मुकुट इन डालियों में रखकर पूजा की गई और प्रतीकात्मक रूप से मोर को पूजा स्थल पर छोड़ दिया गया.

 

पत्तियों से सजी इन बांस की डालियों ने न केवल पर्यावरणीय सौंदर्य को बढ़ाया, बल्कि नवविवाहित दंपतियों की आध्यात्मिक आस्था और पारंपरिक मूल्यों को भी प्रकट किया.स्थानीय निवासी सोनू कुमार ने बताया कि यह परंपरा विशेष रूप से उन नवविवाहित जोड़ों के लिए है, जो किसी कारणवश मंदिर में मोर पूजा नहीं कर पाते. ऐसे में वे मंदिर जाने से पहले इन डालियों के माध्यम से प्रतीकात्मक पूजा कर भगवान जगन्नाथ से आशीर्वाद की कामना करते हैं.

 

बांस की डालियों को शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि जैसे बांस की शाखाएं फैलती हैं, वैसे ही नवविवाहितों का परिवार भी वटवृक्ष की तरह विस्तृत और समृद्ध होता है. पूजा के उपरांत इन डालियों का विसर्जन किसी पवित्र नदी में किया जाता है.

 

यह आयोजन किसी पारंपरिक धार्मिक कर्मकांड से अधिक, जीवन की एक नई आध्यात्मिक शुरुआत को दर्शाता है. यह परंपरा न केवल प्रकृति और पारिवारिक जुड़ाव की भावना को सशक्त बनाती है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी गहराई से जोड़ती है.

 

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